बदलते मौसम ने बच्चों की सेहत पर डाला असर


छतरपुर में मार्च में ही 36 डिग्री तक पहुंचा पारा, डायरिया-जुकाम के मरीज बढ़े

छतरपुर। मार्च के शुरुआती दिनों में ही सूर्य देव ने तपिश दिखानी शुरू कर दी है। मौसम तेजी से बदल रहा है और तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया है। इस अचानक गर्मी और मौसम परिवर्तन के कारण बच्चों में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ गई हैं। अस्पतालों में डायरिया, उल्टी-दस्त, सर्दी-जुकाम, एलर्जी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा देखा जा रहा है।
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से मौसम के बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन पर पड़ रहा है। सुबह-शाम की ठंडक और दिन की तेज गर्मी के बीच शरीर को एडजस्ट करने में दिक्कत हो रही है, जिससे कमजोरी, छींकें, बदन दर्द और सांस संबंधी परेशानियां आम हो गई हैं। विशेष रूप से डायरिया और दस्त की शिकायत बच्चों में ज्यादा देखी जा रही है, जिसके कारण अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है।
बच्चों को इन समस्याओं से बचाने के लिए अभिभावकों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। बच्चों को हल्के और सूती कपड़े पहनाएं, ताकि शरीर में पसीना आसानी से सोखा जा सके और त्वचा सांस ले सके। पुराने कपड़ों को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाकर ही इस्तेमाल करें, इससे बैक्टीरिया और एलर्जी का खतरा कम होता है। हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखें। बच्चे को खूब पानी और तरल पदार्थ पिलाएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। खरबूजा, खीरा, संतरा जैसे हाइड्रेटिंग फल, दही और अन्य तरल चीजें दें। पौष्टिक भोजन में बादाम, आंवला और हल्दी का सेवन कराएं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
बाहर का खाना बिल्कुल न दें और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। बदलते मौसम में वायरल संक्रमण और एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचाएं। यदि बच्चे में तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, लगातार उल्टी-दस्त या तरल पदार्थ न पी पाने की स्थिति हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। खुद से कोई दवा न दें, खासकर सर्दी-जुकाम की दवाओं के मामले में सतर्क रहें।

न्यूज़ सोर्स : Mail