हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका की निरस्त
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने अपनी एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में साफ किया कि मतांतरण किए बिना मुस्लिम युवक और हिंदू युवती के बीच विवाह मुस्लिम पर्सनल ला के अनुसार अवैध है। कोर्ट ने इसी के साथ विशेष विवाह अधिनियम-954 के तहत अंतरधार्मिक विवाह को पंजीकृत करने के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका निरस्त कर दी।न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने कहा कि मुस्लिम युवक और हिंदू युवती के बीच विवाह को मुस्लिम पर्सनल ला के अंतर्गत अनियमित माना जाएगा, भले ही उन्होंने विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह किया हो। दरअसल, मुस्लिम पर्सनल ला के अनुसार, किसी मुस्लिम लड़के का किसी ऐसी लड़की से विवाह वैध विवाह नहीं है जो मूर्तिपूजक या अग्निपूजक हो।
मप्र के अनूपपुर जिले के एक दंपती सारिका सेन और सफीक खान ने याचिका दायर कर कोर्ट को बताया कि दोनों ने शादी कर ली है। अब वे अपने विवाह को पंजीकृत कराना चाहते हैं। दोनों के विवाह का महिला के परिवार ने विरोध किया है। उनके समाज ने भी उनका बहिष्कार करने की बात कही है। चूंकि परिवार वाले विवाह के विरुद्ध हैं, इसलिए उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाए ताकि वे रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर विवाह पंजीयन करा सकें।

IND vs PAK T20 World Cup 2025: बारिश के खतरे के बीच महामुकाबला
‘जिस गाड़ी पर सपा का झंडा, उसमें बैठा है एक गुंडा’, नई बन रही सड़क पर फॉर्च्यूनर दौड़ाने वाले SP नेता पर BJP का हमला
खजुराहो सांसद ने गाइड एसोसिएशन के सदस्यों से की मुलाकात, पर्यटन सुधारों पर चर्चा
सिलेंडर रिफिल करते समय बड़ा हादसा
भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ आध्यात्मिक मेला, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षा केंद्र का किया औचक निरीक्षण
वैलेंटाइन डे पर रिलीज हुआ ‘बैटल ऑफ गलवां’ का रोमांटिक गाना, सलमान और चित्रांगदा की दिखी खूबसूरत केमिस्ट्री
IndiGo फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, टॉयलेट में मिला लेटर
‘शाहरुख मुझसे बेहतर एक्टर’, हॉलीवुड स्टार जेसन मोमोआ ने की किंग खान की तारीफ; पहली मुलाकात को किया याद