बागेश्वर धाम में हुआ दो आध्यात्मिक संतों का मिलन
बागेश्वर धाम में हुआ दो आध्यात्मिक संतों का मिलन
दक्षिण भारत के प्रख्यात संत सद्गुरु जग्गी वासुदेव का बागेश्वर महाराज ने किया आत्मिक अभिनंदन
कलश लेकर वासुदेव जी का महिलाओं ने किया स्वागत, सद्गुरु ने कहा अत्यंत पावन पुनीत है यह क्षेत्र
छतरपुर। दुनिया भर में सनातन और आध्यात्मिक एकता का केंद्र बने बागेश्वर धाम में उस समय लोगों का आनंद दोगुना हो गया जब उन्होंने बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ दक्षिण भारत के विख्यात आध्यात्मिक संत पद्म विभूषण से सम्मानित सद्गुरु जग्गी वासुदेव के दर्शन हुए। इस दौरान धाम के पीठाधीश्वर ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया। बागेश्वर महाराज की माता जी ने भी सद्गुरु जी का आत्मीय स्वागत किया। दोनों आध्यात्मिक गुरुओं के बीच धर्म, आस्था, योग, ध्यान और जीवन दर्शन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बागेश्वर महाराज ने आध्यात्मिक गुरु वासुदेव जी को बालाजी के दर्शन कराए वहीं बागेश्वर महादेव भगवान और सन्यासी बाबा के भी दर्शन कराते हुए महाराज श्री ने यहां की महिमा और यहां सन्यासी बाबा द्वारा साढे 300 वर्ष पूर्व की गई साधना के बारे में अवगत कराया।
बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सदस्य ऋषि शुक्ला ने बताया कि ईशा फाउंडेशन कोयंबटूर के संस्थापक सद्गुरु जी ने बागेश्वर महाराज को आदि योगी की प्रतिमा भेंट की तो वहीं बागेश्वर महाराज ने अपनी माता जी की उपस्थिति में श्री राम दरबार की प्रतिमा भेंट की।
इस मुलाकात को सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सद्गुरु और बागेश्वर महाराज ने इस अवसर पर लोगों को आध्यात्मिकता, आत्म-चिंतन और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
सद्गुरु के साथ उनके साधक परिवारों के प्रतिनिधि भी पहुंचे, जिनमें लगभग 40 देशों से जुड़े अनुयायी शामिल थे। इन साधकों ने भी बागेश्वर धाम में पहुंचकर श्रद्धा के साथ अर्जी लगाई और पूजा-अर्चना की। साधकों को एक थाली भेट की गई जिसमें हनुमान चालीसा, श्रीमद् भागवत गीता, लॉकेट सहित रुद्राक्ष माला, बालाजी का विग्रह और अंग्रेजी में लिखी साधु जी सीताराम पुस्तक के साथ ही महा प्रसाद रखा गया।
धाम के श्रद्धालुओं के लिए रहा अद्भुत क्षण
धाम में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह क्षण विशेष रहा, क्योंकि दो प्रमुख आध्यात्मिक परंपराओं के मार्गदर्शक एक मंच पर दिखाई दिए। इस अवसर पर सनातन धर्म की वैश्विक पहचान, योग और ध्यान के माध्यम से मानव जीवन में संतुलन और शांति स्थापित करने के विषय पर भी विचार साझा किए गए। बागेश्वर धाम में आयोजित इस आध्यात्मिक मिलन को भक्तों ने सनातन संस्कृति की एकता और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बताया।

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