*पुलिस चौकी के सामने संग्राम: दो गुटों में लाठी-घूंसे चले, वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल*

*पहले एकतरफा कार्रवाई से भड़की सियासत, विधायक रामसिया भारती के थाने पहुंचते ही दोनों पक्षों पर दर्ज हुए केस*

*बम्होरी चौकी की घटना ने खोली कानून-व्यवस्था की पोल, चौकी के सामने हुई मारपीट से पुलिस पर उठे सवाल*

✍🏻 सत्यनिधि त्रिपाठी (संजू)
 
बक्स्वाहा। जिले के बकस्वाहा थाना अंतर्गत बम्होरी चौकी के सामने दिनदहाड़े दो गुटों के बीच हुई मारपीट ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। चौकी के ठीक सामने लाठी-घूंसे चलते रहे, लोग तमाशबीन बने रहे और पुलिस मूकदर्शक नजर आई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुलिस चौकी के सामने ही गुंडागर्दी हो जाए तो आम आदमी खुद को सुरक्षित कैसे माने?

*चौकी के सामने भड़का विवाद, सड़क बनी अखाड़ा*

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बम्होरी चौकी पर किसी बात को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से लाठी-घूंसे चलने लगे।
सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरा घटनाक्रम पुलिस चौकी के सामने घटित हुआ, लेकिन तत्काल सख्त हस्तक्षेप नहीं दिखा। यही वजह है कि घटना का वीडियो वायरल होते ही पुलिस की किरकिरी शुरू हो गई।

*वीडियो के आधार पर पहले पांच लोगों पर दर्ज हुआ केस*

मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए एक पक्ष के पांच लोगों—
जगेश्वर असाटी, अभिषेक असाटी, कैलाश असाटी, राहुल असाटी और आयुष असाटी—के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा मामला दर्ज कर निष्पक्षता नहीं बरती, जिससे माहौल और गरमा गया।

*एकतरफा कार्रवाई पर भड़की विधायक, समर्थकों संग थाने पहुंचीं*

जब दूसरे पक्ष पर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला सीधे राजनीतिक रंग ले बैठा। बड़ामलहरा विधायक रामसिया भारती अपने समर्थकों के साथ बकस्वाहा थाने पहुंचीं और पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस की।
विधायक ने पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि दोनों पक्षों की भूमिका सामने है तो फिर कार्रवाई भी दोनों पर समान रूप से होनी चाहिए। थाने में काफी देर तक हंगामा और दबाव की स्थिति बनी रही।
विधायक के हस्तक्षेप के बाद दूसरे पक्ष पर भी गिरी गाज
राजनीतिक दबाव और थाने में चले लंबे विवाद के बाद आखिरकार पुलिस ने दूसरे पक्ष के चूरामन असाटी सहित अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया।
दूसरे पक्ष पर एससी-एसटी एक्ट सहित मारपीट की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि इस मामले के फरियादी बबलू खंगार हैं।

*वीडियो वायरल, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल*

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह चौकी के सामने दोनों पक्षों के लोग भिड़े हुए हैं। यही वीडियो अब पुलिस की सुस्ती और क्षेत्र में घटते पुलिस भय की चर्चा का केंद्र बन गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि चौकी के सामने ही लोग कानून हाथ में लेने लगें तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना स्वाभाविक है।

*इलाके में तनाव, पुलिस बोली— जांच जारी है*

दोनों पक्षों पर मामला दर्ज होने के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर दी गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
हालांकि लोगों के मन में अब भी यही सवाल है कि यदि वायरल वीडियो सामने न आता और राजनीतिक दबाव न बनता, तो क्या पुलिस दूसरी तरफ भी कार्रवाई करती?

*चौकी के सामने हुई मारपीट ने छोड़े कई सवाल*

❓क्या पुलिस चौकी के सामने हुई मारपीट पुलिस की निष्क्रियता का प्रमाण है?

❓पहले केवल एक पक्ष पर ही कार्रवाई क्यों हुई?

❓विधायक के दबाव के बाद ही दूसरी एफआईआर क्यों दर्ज करनी पड़ी?

❓क्या क्षेत्र में पुलिस का खौफ खत्म हो रहा है?
इन सवालों ने पूरे मामले को साधारण मारपीट से आगे बढ़ाकर कानून-व्यवस्था बनाम राजनीतिक दबाव की बड़ी बहस में बदल दिया है।

न्यूज़ सोर्स : Mail