मुस्लिम समाज को फायदा पहुंचाएगा वक्फ संशोधन बिल, बोले CM साय

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि हमारे देश की संसद के लोकसभा सदन में वक्फ संशोधन विधेयक भारी बहुमत से पारित हुआ है. सदन की कार्यवाही देर रात तक चलती रही. इस दौरान हम लोग भी टीवी के सामने बैठकर देखते रहे. यह विधेयक भारी बहुमत से पारित हुआ है. सीएम साय ने कहा कि हमारे देश में मुस्लिम समाज के लोग रहते हैं. इस विधेयक से उन लोगों को बहुत लाभ होगा जो गरीब, दुखी और जरूरतमंद हैं. निगम, मंडल, आयोगों में पदाधिकारियों की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि 36 लोगों को निगम, मंडल, आयोगों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मैं उन सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. वे छत्तीसगढ़ के विकास में अपना कर्तव्य निभाएंगे. वे छत्तीसगढ़ के विकास में अच्छे से काम करेंगे. उन्होंने कहा कि जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ पूरे देश में नंबर वन है. पिछले साल की तुलना में इस बार 18 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है. राज्य में जीएसटी कलेक्शन 16 हजार करोड़ से ज्यादा हुआ है. वहीं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने रायपुर के नगर घड़ी चौक पर पटाखे फोड़कर संसद में प्रस्तुत वक्फ बोर्ड संशोधन का स्वागत किया। मोर्चा ने इसे गरीब मुसलमानों के हित में उठाया गया ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू को बधाई दी। इस अवसर पर मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने "कोई दूरी नहीं, कोई फासला नहीं, पीएम मोदी हमारे भाई हैं" जैसे नारे लगाकर मिठाई बांटी।
घोटालों पर लगेगी रोक
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि आज जो वक्फ संशोधन विधेयक लाया गया है, उससे घोटालों पर सख्ती से रोक लगेगी और अवैध कब्जाधारियों पर लगाम लगेगी। ये अवैध कब्जाधारी वर्षों से अरबों रुपए की संपत्तियों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। इन पर नकेल कसने के लिए कलेक्टर को शामिल किया गया है, ताकि कलेक्टर राजस्व मामलों का त्वरित निपटारा कर राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कर इनके अतिक्रमण को हटा सकें। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि जब अतिक्रमण हटेगा, तो वहां अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए स्कूल और अस्पताल बनाए जाएंगे। इन अतिक्रमणों के हटने से वक्फ संपत्तियों से सरकारी खजाने में 12 हजार करोड़ रुपए आएंगे, जो अभी मात्र 162 करोड़ रुपए है। इस वक्फ विधेयक में पहली बार दो महिला सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान कर केंद्र सरकार ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। क्रांतिकारी कार्य हुआ है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के जरिए बोर्ड के न्यायाधिकरण की शक्तियों को बढ़ाया जा रहा है। वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि दस्तावेज मजबूत हो। इसी तरह हर साल ऑडिट का प्रावधान किया गया है। बोर्ड में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति भी की जा रही है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के इस कार्यक्रम में मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मखमूर इकबाल खान, प्रदेश प्रवक्ता तौकीर रजा, प्रदेश उपाध्यक्ष असगर अली, रजिया खान, शेख निजाम, गुलाम गौस खान, आरिफ नियाजी, इसराइल खान समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अधिकारों की रक्षा में ऐतिहासिक कदम; विकास मरकाम
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 की सराहना करते हुए कहा कि यह विधेयक आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह विधेयक 5वीं और 6वीं अनुसूची क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यह वक्फ बोर्ड द्वारा अतिक्रमण से आदिवासियों की परंपराओं की रक्षा करके संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखेगा।
विधेयक के मुख्य प्रावधानों में यह प्रावधान शामिल है कि राज्यपाल और स्वायत्त परिषदों की मंजूरी के बिना किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा विधेयक में धारा 40 को समाप्त कर दिया गया है, जिससे अब केवल घोषणा के आधार पर कोई भी भूमि वक्फ संपत्ति नहीं बन सकेगी। यह कदम आदिवासी और पारंपरिक भूमि अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी सुधार है। और वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों को पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से हल करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए इस विधेयक को "आदिवासी स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने वाला" बताया। उन्होंने कहा, "यह विधेयक 5वीं और 6वीं अनुसूची क्षेत्रों में रहने वाले हमारे आदिवासी समुदायों को यह विश्वास दिलाता है कि उनकी पारंपरिक भूमि पर कोई अन्याय नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी की सरकार ने आदिवासी समुदायों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जो प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अतुलनीय है।" उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से राज्यों के राज्यपालों, स्वायत्त जिला परिषदों और आदिवासी सलाहकार परिषदों को अधिक अधिकार मिलेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी बाहरी संस्था अवैध निर्माण नहीं कर सकेगी।