प्रधानमंत्री आवास योजना से विनोद बिहारी का अधूरा सपना हुआ साकार
महल हो या झोपड़ी अपना घर अपना होता है, हर व्यक्ति का एक सपना होता है कि छांव के लिए उसका एक खुद का घर हो। स्वयं का घर होने से कई सारे फायदे हैं अपना घर व्यक्ति को वित्तीय सुरक्षा देता है। एक घर को अपना घर कहने मे जो गौरव की अनुभूति होती है, इसी सपने को सरकार द्वारा साकार किया जा रहा है। समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबके की भलाई के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित की जारही है इस योजना से जरूरत मंद लोगो को आवास भी स्वीकृत किये जा रहे है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब और आवासहीन लोगों के जीवन में नई रोशनी और उत्साह भर दिया है। इसी योजना के माध्यम से महासमंुद जिले के सरायपाली वार्ड क्रमांक 15 के महल पारा में रहने वाले 63 वर्षीय विनोद बिहारी कर का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ। विनोद जो कपड़ों का गट्ठा लेकर साइकिल पर अलग-अलग बाजारों में जाकर अपनी आजीविका चलाते हैं उनका जीवन हमेशा संघर्षमय रहा। उनकी आय सीमित होने के कारण पक्के मकान का सपना केवल एक कल्पना बनकर रह गया था। उनके परिवार में उनकी पत्नी श्रीमती कविता कर हैं। बरसात के मौसम में उनका कच्चा मकान गिरने का हमेशा डर बना रहता था।
दो साल पहले, नगर पालिका द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके वार्ड में सर्वे और जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। योजना की जानकारी मिलने पर विनोद बिहारी ने आवेदन भरा और उनका नाम स्वीकृत हुआ। सरकार से मिली सहायता राशि ने उनके सपनों को हकीकत में बदल दिया। आज विनोद बिहारी का पक्का मकान तैयार हो चुका है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए वे कहते हैं, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा अपना पक्का मकान होगा। यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना ने पूरा किया। अब मैं और मेरी पत्नी सुरक्षित महसूस करते हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। ”प्रधानमंत्री आवास योजना हम जैसे गरीब और समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा माध्यम बन गई है।

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