रायपुर में 19 अगस्त से मांस-मटन की बिक्री पर बैन
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चिकन-मटन लवर्स को अगस्त के महीने में तीन दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आधे बचे हुए महीने में तीन दिनों तक शहर में मांस-मटन की बिक्री पर रोक रहेगी। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। वहीं, इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
3 दिन मांस-मटन की बिक्री पर रोक
19 अगस्त, 26 अगस्त और 27 अगस्त को रायपुर में मांस-मटन की बिक्री पर रोक रहेगी। 19 अगस्त को पर्युषण पर्व का पहला दिन रहेगा। ऐसे में शहर की सभी चिकन-मटन की ब्रिकी वाली दुकानें बंद रहेंगी. वहीं, 26 अगस्त को गणेश चतुर्थी है। इस दिन बप्पा विराजेंगे और 27 अगस्त को पर्युषण का आखिरी दिन है। ऐसे में इन तीनों दिन पूरे रायपुर निगम क्षेत्र में मौजूद पशुवध गृह और सभी मांस-मटन की दुकानें बंद रहेंगी।
आदेश जारी
इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर आदेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश का पालन हो रहा है कि नहीं इसकी चेकिंग भी की जाएगी। इसके लिए इन तारीखों पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखेंगे।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
मांस-मटन की बिक्री को लेकर महापौर मीनल चौबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि पावन पर्वों के दौरान होटलों या किसी भी प्रतिष्ठान में मांस-मटन की बिक्री करते पाए जाने पर तुरंत वहां पर जब्ती की जाएगी। इसके अलावा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी एक्शन भी लिया जाएगा।

नरेंद्र मोदी का टीएमसी पर हमला, बोले— राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर
गोपालगंज में प्रेमी की गिरफ्तारी से नाराज़ युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, बोली– रिहाई तक नहीं उतरूंगी
कल निकलेगी रंगपंचमी गेर, इन इलाकों में वाहनों की एंट्री बंद
CRPF में भ्रष्टाचार के आरोप: क्या डीआईजी और कमांडेंट स्तर के अफसरों को मिल रहा संरक्षण?
ट्रंप की रूसी तेल छूट पर भारत का दो टूक जवाब- हमें किसी की परमिशन की जरूरत नहीं
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की सैलरी में छप्परफाड़ इजाफा, जानें पूरा गणित
सौरभ शर्मा और उसके साथियों की जमानत का रास्ता साफ, जल्द मिल सकती है रिहाई
योजना के तहत महिलाएं आसानी से व्यापार और उद्यमिता के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगी।
बागेश्वर धाम पहुंचे यूपी के डिप्टी CM बृजेश पाठक, धीरेंद्र शास्त्री से की मुलाकात
डीएनए जांच न होने से हत्या साबित नहीं, बिलासपुर हाई कोर्ट ने तीन आरोपियों को किया बरी