बस्तर में बरसेंगे बादल, छत्तीसगढ़ में मानसून आगमन को लेकर बड़ा अपडेट
रायपुर: छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में इन दिनों आंधी-तूफान और बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है। शुक्रवार, 12 जून को प्रांतीय राजधानी रायपुर समेत जशपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव और मुंगेली जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के साथ झमाझम बौछारें पड़ीं। मौसम के बदले मिजाज के बीच कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके साथ ही बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और महासमुंद में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेशवासियों को ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा।
तापमान का लेखा-जोखा: राजनांदगांव में सबसे ज्यादा तपिश
शुक्रवार को राजनांदगांव जिला पूरे राज्य में सबसे ज्यादा तपता हुआ नजर आया, जहां दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राज्य के अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:
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बिलासपुर: 41.5 डिग्री सेल्सियस
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रायपुर: 40.8 डिग्री सेल्सियस
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दुर्ग: 39.6 डिग्री सेल्सियस
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पेंड्रा रोड: 38 डिग्री सेल्सियस
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अंबिकापुर: 37 डिग्री सेल्सियस
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जगदलपुर: 33 डिग्री सेल्सियस
राहत की बात यह रही कि बारिश और ठंडी हवाओं के चलते रायपुर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका भी बना रहा, जहां रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
बस्तर अंचल में भारी बारिश के आसार, यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पूरे छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियां काफी सक्रिय हैं, जिसके चलते धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ पानी गिरने की पूरी संभावना बनी हुई है। मौसम केंद्र ने बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों—कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के लिए 'यलो अलर्ट' जारी करते हुए वहां भारी बारिश की चेतावनी दी है। माना जा रहा है कि आगामी दो दिनों के भीतर पूरे सूबे के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आएगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
प्रदेश में कब तक दाखिल होगा मुख्य मानसून?
मौसम का विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48 से 72 घंटों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद मुफीद बनी हुई हैं। यह मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में तेजी से प्रवेश कर सकता है।
इस समय समुद्र तल पर एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ लाइन) सक्रिय है, जो उत्तर-पश्चिम राजस्थान से सटे मध्य पाकिस्तान के चक्रवाती घेरे से शुरू होकर उत्तर मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और झारखंड से गुजरते हुए सीधे पश्चिम बंगाल तक जा रही है, जिससे राज्य में नमी आ रही है और पानी बरस रहा है।

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