दो वर्षों से डिप्रेशन और एंग्जाइटी से जूझ रही थीं पायल घोष
मुंबई । हाल ही में अभिनेत्री पायल घोष ने अपनी ज़िंदगी के सबसे कठिन दौर के बारे में बात की। पायल घोष ने बताया कि वह बीते दो वर्षों से डिप्रेशन और एंग्जाइटी से जूझ रही थीं। काम न मिलने की वजह से वह न सिर्फ आर्थिक संकट में थीं, बल्कि मानसिक रूप से भी टूट चुकी थीं।
पायल का यह खुलासा दिल को छू जाने वाला है, जहां उन्होंने स्वीकार किया कि न तो उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से कोई समर्थन मिला और न ही परिवार या दोस्तों से कोई भावनात्मक सहारा। पायल के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने कई बार खुद को घर में बंद करके अकेले रोया और दुनिया से कट गईं। पायल ने कहा कि हर कलाकार के जीवन में ऐसा समय आता है जब सारी कोशिशें नाकाम लगती हैं और कुछ भी पक्ष में नहीं होता। उनके लिए भी पिछले दो साल कुछ ऐसे ही रहे। वह एकाकी जीवन जी रही थीं, जहां उन्हें ना कोई फोन करता था और न ही किसी ने हालचाल पूछा। मानसिक रूप से टूटती जा रही पायल ने बताया कि इस स्थिति से निकलने के लिए उन्हें प्रोफेशनल मदद और दवाओं का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अकेलापन बेहद खतरनाक होता है और यह धीरे-धीरे इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। दो साल तक बिना काम के रहना और धीरे-धीरे बचत खत्म होना, ये सब उनके लिए एक डरावने सपने जैसा था।
उन्होंने बताया कि किसी ने भी उन्हें काम दिलाने या मनोबल बढ़ाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जब कोई साथ नहीं देता तो इंसान खुद को बुरी तरह से अकेला महसूस करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में काम करने वाले कई कलाकारों को ऐसे दौर से गुजरना पड़ता है, मगर वे खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते। हालांकि अब उनके अनुसार चीजें धीरे-धीरे सुधर रही हैं। उन्हें काम के नए अवसर मिलने लगे हैं और उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही उनके नए प्रोजेक्ट्स दर्शकों के सामने आएंगे।

सांप पर भी भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर नहीं’—चुनावी रैली में ममता बनर्जी का हमला
लालू बनाम नीतीश: सबसे बड़ा अंतर क्या? शिवानंद तिवारी ने खोला राज, क्यों तमतमा गए थे सीएम
केकेआर के खिलाफ ऋषभ पंत के खराब प्रदर्शन पर मोहम्मद कैफ भड़के, उठाए सवाल
अनोखा ग्रीन कॉरिडोर: 14 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, 7 घंटे का सफर घटकर 2.30 घंटे
रायपुर में RTO क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई
खीरा की खेती ने बदली सुभद्रा की जिंदगी
मथुरा में बड़ा हादसा: यमुना में पांटून पुल से टकराई नाव, 10 की मौत
राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को दिया बड़ा बढ़ावा