महाकालेश्वर का खास आयोजन: भाग श्रृंगार के लिए बुकिंग चालू
उज्जैन। मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। पूरे सावन के महीने में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें बाबा के 'भांग श्रृंगार' का एक अलग और विशेष महत्व होता है। अब इस अनूठे श्रृंगार के लिए मंदिर समिति द्वारा बुकिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके लिए इच्छुक श्रद्धालु मंदिर कार्यालय में जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
पुजारी का सहमति पत्र जरूरी और चयन समिति तय करेगी तारीख
बाबा महाकाल के इस दिव्य भांग श्रृंगार के लिए पुजारियों के साथ-साथ आम श्रद्धालु भी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए एक नियम बनाया गया है कि भक्तों को जिस भी पुजारी के माध्यम से बाबा का श्रृंगार करवाना है, उनसे एक लिखित सहमति पत्र लेना जरूरी होगा। इस विशेष श्रृंगार की बुकिंग के लिए 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद मंदिर की एक विशेष चयन समिति सभी आवेदनों को देखने के बाद तारीखों का अंतिम निर्धारण करेगी।
श्रृंगार के खर्च और व्यवस्था में बड़ा बदलाव
श्रावण मास में होने वाले इस विशेष भांग श्रृंगार पर करीब 10 से 12 हजार रुपये का खर्च आता है। पहले की व्यवस्था के तहत पुजारी 1100 रुपये की रसीद कटवाकर श्रद्धालुओं को उनके जन्मदिन या शादी की सालगिरह जैसे शुभ मौकों पर अपनी मर्जी से तारीख दिलवा देते थे। लेकिन अब मंदिर समिति ने पूरी व्यवस्था को बदलते हुए इसे पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब आवेदन मिलने के बाद चयन समिति ही तारीखें तय करेगी, जिससे तारीखों को लेकर होने वाले किसी भी विवाद की स्थिति से बचा जा सके।
सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के नियमों के तहत सीमित हुई भांग की मात्रा
बाबा महाकाल के भांग श्रृंगार के लिए अब अधिकतम साढ़े तीन किलो भांग का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको बता दें कि पहले इस श्रृंगार में 5 से 7 किलो तक भांग का उपयोग होता था। लेकिन ज्योतिर्लिंग के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के बाद इस मात्रा को घटा दिया गया। कमेटी के सुझाव पर ही भांग के साथ-साथ पंचामृत और अन्य पूजा सामग्रियों की मात्रा को भी सीमित किया गया है ताकि शिवलिंग को कोई नुकसान न पहुंचे।
मेवे, हल्दी और चंदन से सजता है बाबा का दिव्य स्वरूप
महाकाल मंदिर में हर रोज शाम को होने वाली संध्या आरती के समय बाबा महाकाल का भांग, सूखे मेवे, हल्दी और चंदन से अलौकिक श्रृंगार किया जाता है। किसी विशेष पर्व, त्योहार या बड़े अवसर पर बाबा महाकाल को अलग-अलग रूपों में सजाया जाता है, जिसमें भगवान गणेश, विष्णु, कृष्ण, सूर्य, चंद्रमा और शेषनाग का अद्भुत स्वरूप शामिल होता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं।

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