OTP न मिलने की शिकायत, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ने बढ़ाई जनता की मुश्किलें
वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने में ओटीपी बाधा बन गई है। मोबाइल पर ओटीपी नहीं आने से वाहन मालिक, आरटीओ व परिवहन सुविधा केंद्र की दौड़ लगाकर परेशान हो गए हैं। इसके अलावा जिन वाहनों का रजिस्ट्रेशन दूसरे जिलों का है, वे भी चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। फिर भी परेशानी कम नहीं हो रही है। कई वाहन मालिक नंबर बदलने के लिए आरटीओ दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा है और दूसरे जिले या दूसरे राज्यों में जाते हैं, ऐसे वाहन मालिकों को चालान कटने का डर भी सता रहा है। इतना ही नहीं, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के पहले ओटीपी प्राप्त करने मोबाइल नंबर भी अपडेट कराने के लिए भी मालिकों को दौड़ लगानी पड़ रही है।
जिले में एक लाख 78 हजार वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का लक्ष्य है। पिछले कुछ महीनों में नंबर प्लेट बदलने के लिए लोग परिवहन सुविधा केंद्र पहुंच रहे हैं। बीटीआई रोड स्थित परिवहन सुविधा केंद्र के संचालक ने बताया कि इसके लिए पहले आरटीओ से मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा। बिना ओटीपी के आवेदन नहीं हो पा रहा है। इसके कई कारण भी हो सकते हैं। जैसे गाड़ी में फिटनेस नहीं होना या चालान कटा भी हो सकता है। इस कारण भी ओटीपी कई बार नहीं आता है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दोपहिया वाहनों के लिए 365 रुपए, तीन पहिया वाहनों के लिए 427 रुपए, एलएचवी वाहन के लिए 656 रुपए और भारी कमर्शियल वाहनों के लिए 705 रुपए निर्धारित किया गया है। इन दरों में जीएसटी भी जोड़ा गया है। दरअसल, २०१९ से पहले रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य है।
ऐसे वाहन जो अन्य जिले या राज्य के हैं और वे अन्य जिले नहीं जाना चाहते हैं, उन्हें वाहन नंबर प्लेट के लिए भी चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई वाहन ऐसे हैं, जो किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर चल रहे थे, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद नाम परिवर्तन नहीं कराया गया है। जिसके चलते भारी दिक्कतों का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। कई महिलाओं के वाहन मायके में हैं। शादी के बाद वे ससुराल आ गई हैं। ऐसे में परिजनों को ओटीपी के लिए फोन लगाना पड़ रहा है। ओटीपी नहीं आने पर दिक्कतें आ रही हैं।
शुल्क संबंधित बोर्ड नहीं
परिवहन विभाग में फिटनेस करवाने, लाइसेंस बनाने, स्थाई लाइसेंस बनाने संबंधित कितना शुल्क लिया जाता है, इसकी अधिकारिक जानकारी कहीं पर प्रदर्शित नहीं की गई है। इसकी जानकारी नहीं होने से लोग एजेंटों के झांसे में आ जाते हैं और एक मोटी रकम दे बैठते हैं। परिवहन विभाग में विभिन्न कार्यों के लिए लिए जाने वाले शुल्क चस्पा किए जाने चाहिए। जिससे शुल्क संबंधित जानकारी हो सके। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के शुल्क संबंधित जानकारी नोटिस बोर्ड में लगाई गई है।

छत्तीसगढ़ की पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण को मिला नया संबल, तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ सफल समापन
वन भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास पर वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, जेसीबी मशीन जब्त
अवैध अफीम की खेती पर मध्यप्रदेश पुलिस का बड़ा प्रहार : 3 करोड़ रुपये से अधिक की 7890 किलोग्राम फसल जब्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर जताई खुशी
मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में परिवहन उप निरीक्षक बैच के आधारभूत प्रशिक्षण का शुभारंभ
विदिशा के डायल 112 हीरोज : सतर्कता और संवेदनशीलता से बची ज़िंदगी, तालाब में कूदी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला
आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत, छात्रवृत्ति के लिए ₹15 करोड़ मंजूर
पांच राज्यों के चुनाव से पहले विपक्ष की नई रणनीति, CEC के खिलाफ योजना?