दिल्ली सीएम के नाम पर संशय बरकरार
नई दिल्ली।दिल्ली में भाजपा की वापसी 27 साल के बाद हुई है. मगर अभी तक मुख्यमंत्री का फैसला नहीं हो चुका है. भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं की लगातार बैठक चल रही है. दिल्ली में सरकार गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर जारी मंथन के बीच पार्टी राजधानी को मिनी भारत के रूप में दशार्ने के लिए नये मंत्रिमंडल में दो उपमुख्यमंत्री को शामिल करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। कुछ पार्टी नेताओं ने कहा कि दिल्ली सरकार में दो उपमुख्यमंत्री रखने के कदम से पार्टी को विभिन्न जातियों, समुदायों और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के विधायकों को समायोजित करने में मदद मिलेगी। बीजेपी नेताओं ने पीटीआई-भाषा से कहा, इसकी बहुत संभावना है क्योंकि ऐसा कई अन्य राज्यों में भी किया गया है, जहां विभिन्न पृष्ठभूमि के नेताओं को समायोजित करने के लिए दो उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए गए हैं। भाजपा शासित मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ऐसा किया गया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह प्रस्ताव राष्ट्रीय नेतृत्व के विचाराधीन है, जो इस पर अंतिम फैसला लेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के नामों पर भी अंतिम फैसला लिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद दिल्ली में सरकार गठन की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के सीएम शपथ को भव्य बनाने की कोशिश कर रही है।

MSU में नया कोर्स शुरू, छात्र पढ़ेंगे मोदी तत्व और RSS का इतिहास
अमिताभ-सचिन समेत कई दिग्गजों की मूर्तियां बनी आकर्षण का केंद्र
ऑस्ट्रेलियाई दूत ने भारत की विविधता की खुलकर तारीफ की
CBI को बड़ी सफलता, यूएई से भारत लाया गया भगोड़ा कमलेश पारेख
क्या गर्मी में ग्रीन-टी से बढ़ेगी गर्मी? एक्सपर्ट की राय
KL Rahul ने रचा इतिहास, खास रिकॉर्ड अपने नाम
Medical Tourism Boom: भारत बनेगा ग्लोबल हब, तेजी से बढ़ेगा कारोबार
जबलपुर हादसे से सबक, छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला
भारत-म्यांमार रिश्तों में मजबूती, नौसेना प्रमुख का अहम दौरा