उल्लास नवभारत साक्षरता के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण समपन्न
शहडोल : जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी सावित्री सोनी ने जानकारी दी है कि उल्लास नवभारत साक्षरता के तहत डाईट सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण, कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण मे जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी सावित्री सोनी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार सभी के लिए शिक्षा अन्तर्गत 15 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के असाक्षरों को साक्षर करने हेतु नवभारत साक्षरता कार्यक्रम वर्ष 2022 से 2027 तक संचालित किया जा रहा है। जिसमें 15 वर्ष से उपर के ऐसे असाक्षर जो किसी कारण औपचारिक शिक्षा ग्रहण नही कर पाये है या जिनके पास साक्षर होने का कोई प्रमाण पत्र नही है, उन्हे जिले के समस्त ब्लाक में संचालित सामाजिक चेतना केन्द्रों में अक्षर साथियों के माध्यम से अक्षर ज्ञान व साक्षर कर जिले में आयोजित मूल्यांकन परीक्षा जो कि वर्ष में दो बार आयोजित कराई जाती है। शामिल कराकर साक्षरों को उत्तीर्ण होने पर प्रमाण पत्र किया जाता है। उन्होनें बताया कि जिले में अभी तक तीन मूल्यांकन परीक्षाओ में 47489 नवसाक्षर सम्मिलित हुए जिसमें 46022 नवसाक्षर उत्तीर्ण हुए। जिले में अभी तक 137422 असाक्षर शेष है। जिन्हे 2027 तक पूर्ण साक्षर किया जाना हैं आगामी सितम्बर 2024 की मूल्यांकन परीक्षा में जिले मे 29100 नवसाक्षरों को परीक्षा मे शामिल करने का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें व्यौहारी को 6000, जयसिंहनगर 6100,गोहपारू 3000,बुढार 7000 एवं सोहागपुर 7000 नवसाक्षरो को परीक्षा में शामिल करने का लक्ष्य दिया गया है। प्रषिक्षण में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा, प्राचार्य डाईट रमाशंकर गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

चुनावी रेवड़ी या महिला सम्मान? स्टालिन ने करोड़ों महिलाओं को दिए 5000 रुपये
आदिवासी साथ में करते रहे पूजा, तो विवाद क्यों? मंडला में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना पर दो पक्ष आमने-सामने
शेख हसीना के बेटे वाजेद बीएनपी से हाथ मिलाने को तैयार
विवाहिता की मौत पर बवाल, भाई ने लगाया हत्या का आरोप
विदेश व्यापार बढ़ाने की रणनीति: केंद्र ने गेहूं और चीनी के निर्यात को दी हरी झंडी
शंकराचार्य पर टिप्पणी को लेकर अखिलेश का हमला, बोले- यह शाब्दिक हिंसा और पाप
एनसीपी विलय की चर्चाओं पर बोलीं सुप्रिया सुले- अधूरे सपने को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी
अंबेडकर विवाद पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, आपराधिक अवमानना दायर करने एजी ऑफिस की अनुमति आवश्यक
बाथरुम में फिसले या सैनिकों ने पीटा?