ऑटो दिग्गज फॉक्सवैगन-स्टेलेंटिस की EU से गुहार, इंडस्ट्री बचाने की अपील
यूरोपीय संघ से की गई अपील में दोनों कंपनियों ने सुझाव दिया है कि यूरोप में निर्मित वाहनों के लिए कार्बन डाइऑक्साइड बोनस की व्यवस्था की जाए।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों का मानना है कि इससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, नौकरियां सुरक्षित रहेंगी और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना आसान होगा।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर चेतावनी
Stellantis (स्टेलेंटिस) के सीईओ एंटोनियो फिलोसा और Volkswagen (फॉक्सवैगन) के सीईओ ओलिवर ब्लूम ने संयुक्त रूप से चेताया कि यूरोप एक नए भू-राजनीतिक दौर में प्रवेश कर चुका है।उनका कहना है कि अब व्यापार, तकनीक और औद्योगिक क्षमताओं का इस्तेमाल राष्ट्रीय हितों को साधने के लिए पहले से कहीं ज्यादा किया जा रहा है। और ऐसे में यूरोपीय संघ को जल्द अपना रास्ता चुनना होगा।
'EU प्रेफरेंस' नियमों पर बढ़ती बहस
इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर 'EU प्रेफरेंस' नियमों पर भी बहस तेज हो गई है।फ्रांस जैसे कुछ देश चाहते हैं कि इलेक्ट्रिक कारों के लिए "मेड इन यूरोप" को प्राथमिकता दी जाए। हालांकि, यूरोपीय आयोग के भीतर मतभेदों के चलते इस पर फैसला कम से कम एक महीने के लिए टल गया है।
इलेक्ट्रिफिकेशन की लागत पर Stellantis की आपत्ति
Fiat (फिएट) और Peugeot (प्यूजो) की मूल कंपनी स्टेलेंटिस ने यूरोपीय आयोग द्वारा प्रस्तावित कुछ बदलावों की आलोचना की है।कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संक्रमण अब भी कार निर्माताओं पर भारी लागत का दबाव बना रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बैटरी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी दुविधा
फॉक्सवैगन और स्टेलेंटिस के प्रमुखों ने कहा कि यूरोप में ईवी बैटरी सेल निर्माण से जुड़ी दिक्कतें यूरोपीय संघ की दुविधा को साफ दिखाती हैं।एक ओर तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय उत्पादन जरूरी है। वहीं दूसरी ओर ग्राहक सस्ती इलेक्ट्रिक कारों की उम्मीद करते हैं। कीमतें कम रखने के दबाव में सस्ती आयातित बैटरियों पर निर्भरता बढ़ जाती है।
बैटरी जॉइंट वेंचर्स की समीक्षा
एंटोनियो फिलोसा इस समय स्टेलेंटिस के वैश्विक परिचालन की समीक्षा कर रहे हैं।सूत्रों के मुताबिक, कंपनी कुछ बैटरी जॉइंट वेंचर्स का आकार घटाने या उन्हें बंद करने पर भी विचार कर सकती है। यह समीक्षा ऐसे वक्त में हो रही है, जब बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में नरमी देखने को मिल रही है।
निष्कर्ष: संरक्षण और प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन की चुनौती
फॉक्सवैगन और स्टेलेंटिस की अपील यह दिखाती है कि यूरोप का ऑटो उद्योग अब नीतिगत समर्थन, लागत नियंत्रण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन की मांग कर रहा है। आने वाले फैसले यह तय करेंगे कि यूरोप इस बदलते ऑटोमोटिव परिदृश्य में अपनी स्थिति कैसे मजबूत करता है।

अमित शाह का हमला: तुष्टिकरण से नहीं होगा बंगाल का विकास, 8 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा राज्य
MP में जांच आयोगों की रिपोर्ट पर सुस्ती, 7 प्रतिवेदन अब तक विधानसभा में लंबित
ईरान का दावा—परमाणु ठिकानों पर अमेरिका-इज़राइल ने किया हमला, IAEA बोला- नहीं मिला कोई सबूत
यात्रीगण ध्यान दें! होली पर AI से कम होगा ट्रेनों का इंतजार, जानें कैसे मिलेगी राहत
छठी बार टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में टीम इंडिया, जानें पिछली 5 बार का पूरा रिकॉर्ड
बड़वानी में कृषि कैबिनेट पर सियासत तेज, उमंग सिंघार का बड़ा बयान
होलिका दहन आज या कल? जानिए सही तिथि, भद्रा काल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी
बंगाल की 84 SC-ST सीटों पर TMC का बड़ा दांव, ‘तपशिलीर संगलाप’ से साधेगी समीकरण
Korba में तेज रफ्तार वाहन ने स्कूटी को मारी जोरदार टक्कर
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले गोरखा नेता, गोरखालैंड की मांग फिर तेज