किसान से रिश्वत लेना पड़ा महंगा: तहसीलदार कार्यालय का बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई
दुर्ग जिले के बोरी तहसील में पदस्थ लिपिक वीरेंद्र तूरकाने को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने 17 हजार 500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम उसे अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई ग्राम टेकापार निवासी किसान धनेन्द्र की शिकायत पर की गई। धनेन्द्र अपनी जमीन का नामांतरण करवाने के लिए कई दिनों से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। लिपिक वीरेंद्र तूरकाने ने नामांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 17 हजार 500 रुपए की रिश्वत मांगी थी।
पैसा नहीं देने के कारण वह किसान को लगातार चक्कर लगवा रहा था। परेशान होकर किसान ने एसीबी से संपर्क किया और लिखित शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही तूरकान ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी से मौके पर ही राशि जब्त कर ली गई है। फिलहाल एसीबी आरोपी बाबू से पूछताछ कर रही है।

ईको-पर्यटन की दिशा में बड़ा कदम : धमनी में नौकाविहार सुविधा शुरू, स्थानीय आजीविका को मिलेगा नया संबल
केन्द्रीय जेल रायपुर के बंदियों द्वारा निर्मित नमकीन उत्पादों का विधानसभा सदस्यों ने लिया आनंद
छत्तीसगढ़ की पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण को मिला नया संबल, तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ सफल समापन
वन भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास पर वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, जेसीबी मशीन जब्त
अवैध अफीम की खेती पर मध्यप्रदेश पुलिस का बड़ा प्रहार : 3 करोड़ रुपये से अधिक की 7890 किलोग्राम फसल जब्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर जताई खुशी
मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में परिवहन उप निरीक्षक बैच के आधारभूत प्रशिक्षण का शुभारंभ
विदिशा के डायल 112 हीरोज : सतर्कता और संवेदनशीलता से बची ज़िंदगी, तालाब में कूदी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला