तुर्किए-अजरबैजान के रुख से नाराज़गी, इंदौर के पर्यटकों ने रद्द की विदेश यात्राएं
इंदौर: भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के दौरान तुर्की और अजरबैजान ने न केवल पाकिस्तान का साथ दिया, बल्कि ड्रोन और दूसरे हथियार भी मुहैया कराए। इसके बाद से तुर्की और अजरबैजान के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है। अब भारतीय इन दोनों देशों की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं। तुर्की और अजरबैजान के बहिष्कार का असर इंदौर में भी दिख रहा है और मई-जून के लिए बुकिंग कराने वाले 50 फीसदी पर्यटकों ने बुकिंग रद्द करा दी है। लोग खुद ही अपनी टूर बुकिंग रद्द करा रहे हैं आपको बता दें, तुर्की और अजरबैजान की यात्रा करने वाले ज्यादातर पर्यटक खुद ही अपनी बुकिंग रद्द करा रहे हैं, वहीं ट्रैवल एजेंट भी पर्यटकों से इन देशों की बुकिंग रद्द कराने का अनुरोध कर रहे हैं और दूसरे देशों का विकल्प सुझा रहे हैं। ट्रैवल एजेंटों के संगठन भी उनकी ओर से ये बुकिंग रद्द करा रहे हैं।
मई-जून में सबसे ज्यादा जाते हैं पर्यटक
हर साल गर्मियों में मध्य प्रदेश से करीब चार हजार पर्यटक तुर्की और अजरबैजान जाते हैं। इनमें से करीब 2500 पर्यटक अकेले इंदौर से होते हैं। सबसे ज्यादा बुकिंग मई और जून के लिए होती है, क्योंकि इस समय बच्चों की स्कूल की छुट्टियां होती हैं। ऐसे में लोग इस समय इन देशों की यात्रा करना पसंद करते हैं। वहीं, अब इंदौरियों ने मई-जून के लिए इन देशों की यात्रा करने के लिए बुकिंग करवाई थी, वे इसे कैंसल करने लगे हैं। कुछ ने तो अपना ट्रैवल डेस्टिनेशन ही बदल दिया है। अजरबैजान में मिलता है यूरोपियन माहौल: अजरबैजान का बाकू सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। यहां पर्यटकों को यूरोपियन जैसा माहौल मिलता है। अजरबैजान के मुकाबले यूरोप महंगा है और यहां पर्यटन के लिए करीब 15 दिन का टूर प्लान करना पड़ता है, जबकि अजरबैजान यूरोप के मुकाबले सस्ता है और यहां वीजा प्रक्रिया भी काफी आसान है। यहां एक हफ्ते में जाया जा सकता है। इसके साथ ही यह MICE डेस्टिनेशन भी है, जिसकी वजह से कॉरपोरेट मीटिंग के लिए भी इसे काफी पसंद किया जाता है।
तुर्की का रोमांच आकर्षित करता है
तुर्की में कई रोमांचकारी गतिविधियां हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां एयर बैलून एडवेंचर काफी लोकप्रिय है। इसके साथ ही इस्तांबुल जैसे अन्य ऐतिहासिक शहर जिनमें वास्तुकला और कला शामिल है, पर्यटकों को काफी पसंद आते हैं। इंदौर से तुर्की और अजरबैजान जाने वाले भारतीयों की संख्या हर साल बढ़ रही है। ट्रैवल कंपनी संचालक राजेश चौबे ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इन दोनों देशों की यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है, लेकिन बुकिंग निरस्त होने से इसका व्यापक असर पड़ेगा।
देशभर में बुकिंग निरस्त हो रही हैं
पाकिस्तान का साथ मिलने पर तुर्की और अजरबैजान में पर्यटन काफी हद तक प्रभावित होगा। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मप्र-छत्तीसगढ़ अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार इन देशों की बुकिंग निरस्त होने का सिलसिला जारी है। अब तक अजरबैजान की करीब सवा तीन लाख और तुर्की की करीब ढाई लाख बुकिंग निरस्त हो चुकी हैं।

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