बुंदेलखंड में मिलेट्स बने किसानों की सुरक्षा कवच


कलेक्टर के निर्देशन में कृषि विज्ञान केंद्र नौगांव में दो दिवसीय कृषक सेमिनार का आयोजन


छतरपुर । दिनांक 12.02.2026 कलेक्टर छतरपुर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में उपसंचालक कृषि छतरपुर द्वारा मध्यप्रदेश मिलेट मिशन के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, नौगांव में दो दिवसीय कृषक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषकों को श्री अन्न (मिलेट्स) की वैज्ञानिक खेती, उन्नत उत्पादन तकनीक, जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों एवं विपणन से जुड़ी नवीन जानकारियां प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम में मानवेंद्र सिंह, आशू प्रवीण मिश्रा, जय सिंह परमार, धनेश तिवारी सहित स्थानीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
सेमिनार को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र नौगांव के प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कमलेश अहिरवार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के “गुरुमंत्र” साझा किए। उन्होंने उन्नत एवं प्रमाणित बीजों के चयन, समय पर बुवाई, बीज उपचार, मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक प्रबंधन, सूक्ष्म पोषक तत्वों के समुचित उपयोग, एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन तथा जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन एवं अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मिलेट्स केवल पारंपरिक फसल नहीं, बल्कि भविष्य की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा का मजबूत आधार हैं।
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार सिन्हा ने अपने व्याख्यान में बताया कि बुंदेलखंड की बदलती जलवायु परिस्थितियों में मिलेट्स केवल फसल नहीं, बल्कि किसानों के लिए सुरक्षा कवच और आत्मनिर्भरता का आधार हैं। कम पानी में अच्छी पैदावार देने वाली यह फसल किसानों की आय को स्थिरता प्रदान करती है।
  वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सूरज भान पटेल ने किसानों को राज्य एवं केंद्र सरकार की मिलेट प्रोत्साहन योजनाओं, अनुदान, बीज वितरण, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं विपणन सहयोग की विस्तृत जानकारी दी। वहीं प्रगतिशील युवा किसान सुशील द्विवेदी ने मिलेट्स के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं ब्रांडिंग के महत्व पर प्रकाश डाला।
   प्रगतिशील किसान चिरंजन चौरसिया ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभ बताते हुए अनुभव साझा किए। समापन सत्र में डॉ. कमलेश अहिरवार के मार्गदर्शन में कृषकों को कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न इकाइयों उद्यानिकी फसल संग्रहालय, नर्सरी इकाई, प्राकृतिक उत्पाद यूनिट, कम्पोस्ट निर्माण इकाई तथा औषधीय एवं सुगंधित फसलों की इकाई का भ्रमण कराया गया। इस दौरान कृषकों ने ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली सहित आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नवाचारों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा।
कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि डॉ. प्रतीक कुमार भट्ट, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी शैलेंद्र यादव, रजनीश परसरिया, अभ्योदय एनजीओ से विवेक दुबे, आरती राठौर, प्रगतिशील कृषक स्वामी प्रसाद अहिरवार सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं क्षेत्र के 200 से अधिक कृषकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।



न्यूज़ सोर्स : PRO