बुंदेलखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन एवं सामाजिक संगठनों के दबाव का असर, राजेश अग्रवाल प्रकरण में 6 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज
*बुंदेलखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन एवं सामाजिक संगठनों के दबाव का असर, राजेश अग्रवाल प्रकरण में 6 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज*
*अपराध, सट्टा, मेडिकल नशा और पत्रकारों पर हमलों के खिलाफ एकजुट हुए संगठन, एसपी को सौंपा ज्ञापन*
*जनदबाव के बीच पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अन्य लंबित मामलों में भी प्रभावी कदम उठाने की मांग*
छतरपुर। जिले में बढ़ते अपराध, अवैध कारोबारों और पत्रकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ मंगलवार को बुंदेलखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, व्यापारिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मेडिकल नशे के कारोबार, एमसीएक्स (डब्बा ट्रेडिंग), आईपीएल सट्टा, देह व्यापार, सूदखोरी, अवैध शराब, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त तथा पत्रकारों से जुड़े मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
विशेष बात यह रही कि ज्ञापन सौंपे जाने की पूर्व निर्धारित सूचना और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार बनाए जा रहे जनदबाव के बीच पुलिस ने बहुचर्चित राजेश अग्रवाल आत्महत्या प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई को सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने जनभावनाओं तथा प्रशासन की संवेदनशीलता का सकारात्मक परिणाम बताया।
*राजेश अग्रवाल प्रकरण में छह आरोपी नामजद*
गौरतलब है कि 28 मई को ओरछा रोड थाना क्षेत्र में व्यापारी राजेश अग्रवाल का शव उनके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटनास्थल से पुलिस को सुसाइट नोट, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हुए थे। मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने रोहित उर्फ छोटू पटैरिया, अनवर खान, शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, मुनू उर्फ दीपक अग्रवाल तथा हमीद उर्फ कल्लू कलई के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में सीएसपी अरुण कुमार सोनी एवं ओरछा रोड थाना प्रभारी लेखराज मीणा की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि जिले में वर्षों से संचालित अवैध सट्टा एवं डब्बा कारोबार ने अनेक परिवारों को आर्थिक और मानसिक संकट में धकेला है तथा इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता है।
*पत्रकारों पर हमलों को लेकर भी उठी आवाज*
ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठनों ने पत्रकार राकेश रिछारिया पर दर्ज कथित फर्जी एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा कर उसका खात्मा लगाने की मांग की। वहीं बिजावर क्षेत्र में पत्रकार राकेश सिंह राय के साथ हुई मारपीट की घटना में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई।
संगठनों का कहना था कि पत्रकारों पर हमले केवल किसी व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
*इन संगठनों ने दिखाई एकजुटता*
ज्ञापन कार्यक्रम में शिवसेना से नीतीश तिवारी, छतरपुर सिविल सोसाइटी से शंकरलाल सोनी एवं पंकज जैन, व्यापारी नेता लाल चंद्र लालवानी (लालू), राजेंद्र बासुदेव, श्रीराम सेवा समिति से राकेश तिवारी एवं प्रमोद सोनी, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह अपने साथियों सहित, बुंदेलखंड ब्राह्मण सेवा संगठन से वीरेंद्र तिवारी एवं दीप्ति पांडे, छतरपुर विकास मंच से अरविंद गोस्वामी सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बुंदेलखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के समस्त जिला पदाधिकारी और सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
*अन्य मुद्दों पर भी कार्रवाई की उम्मीद*
ज्ञापन सौंपने वाले संगठनों ने कहा कि राजेश अग्रवाल प्रकरण में हुई कार्रवाई प्रशासन के लिए एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन जिले में संचालित अन्य अवैध गतिविधियों, नशे के कारोबार, सट्टेबाजी, सूदखोरी और पत्रकारों से जुड़े मामलों में भी इसी प्रकार की निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। संगठनों ने विश्वास जताया कि पुलिस प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

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