*​छतरपुर में रूह कँपा देने वाला गैंगरेप: बस स्टैंड से नाबालिग का अपहरण, 24 घंटे में मामा-भांजे की खौफनाक तिकड़ी गिरफ्तार*

*​प्रेमी बस स्टैंड पर अकेला छोड़ भागा, रात के सन्नाटे में दरिंदों ने बनाया शिकार*

*​आईजी ने घोषित किया था 25 हजार का इनाम, एसपी ने खुद संभाली थी कमान*

*​वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और स्विफ्ट कार बरामद, पुलिस की मुस्तैदी से सलाखों के पीछे पहुँचे आरोपी*

​छतरपुर। जिला मुख्यालय के मुख्य बस स्टैंड क्षेत्र से एक रूह कँपा देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस महकमे ने इस मामले में तत्परता और मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस घिनौने कांड का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने 25,000 रुपये के इनामी तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों के बीच जो रिश्ता सामने आया है, उसने समाज को झकझोर कर रख दिया है । वारदात का मास्टरमाइंड सगा मामा है और बाकी दो उसके सगे भांजे हैं।

*​प्रेमी के दगा देने के बाद बनी शिकार: मुसाफिरखाने से हुआ था अपहरण*

​सूत्रों और पुलिस जांच से मिली जानकारी के मुताबिक, नाबालिग पीड़िता सटई थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। वह अपने एक रिश्तेदार (जिसके साथ उसका प्रेम प्रसंग था) के साथ घर से भागने की फिराक में छतरपुर बस स्टैंड पहुंची थी। लेकिन बस स्टैंड पहुंचते ही कथित प्रेमी युवक कानूनी कार्रवाई और लोक-लाज के डर से घबरा गया और नाबालिग को बीच राह में अकेला छोड़कर रफूचक्कर हो गया।
​रात के करीब 10 से 11 बजे के बीच, डरी-सहमी लड़की बस स्टैंड पर बने मुसाफिरखाने में अकेली बैठी थी। सुनसान रात में अकेली लड़की को देखकर वहां मौजूद कुछ बदमाशों की नीयत बिगड़ गई। आरोपियों ने नाबालिग को अकेला पाकर डराया-धमकाया और बहला-फुसलाकर मुसाफिरखाने से उठा लिया।

*​सुनसान इलाके में ले जाकर की दरिंदगी*

​शुरुआती जानकारी के अनुसार, तीन अज्ञात बदमाशों ने लड़की को दबोचा और जबरन स्कूटी पर बैठाकर एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दरिंदगी की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को एक कार (स्विफ्ट) से छोड़कर फरार हो गए। सुबह होते ही बदहवास और डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह अपने परिजनों के पास पहुंची और आपबीती सुनाई। परिजन तत्काल उसे लेकर कोतवाली थाने पहुंचे, जहां अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर व समुचित धाराओं के तहत गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया गया।

*​पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी खुद पहुंचे थे मौके पर*

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। पुलिस अधीक्षक (SP) रजत सकलेचा के निर्देशन में तत्काल 8 अलग-अलग टीमें गठित की गईं। शाम करीब 6 बजे एसपी रजत सकलेचा खुद भारी पुलिस बल के साथ बस स्टैंड पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IG) मिथिलेश शुक्ला द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई।

*​सीसीटीवी फुटेज से खुला राज: ऐसे दबोची गई मामा-भांजे की तिकड़ी*

​नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) अरुण कुमार सोनी, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह, सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय और साइबर सेल की संयुक्त टीमों ने बस स्टैंड, मुसाफिरखाने और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। बयानों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कड़ियों को जोड़ती गई और महज 24 घंटे के भीतर तीनों दरिंदों को घेराबंदी करके दबोच लिया।

*​गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली:*
*​रवि कुशवाहा (मामा):* पिता दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, निवासी डिगरिया (हाल निवास- कृष्णा कॉलेज महोबा रोड, छतरपुर)।
*​अरविंद कुशवाहा (भांजा):* पिता दशरथ कुशवाहा, निवासी ग्राम नथनपुर ईसानगर रोड (हाल निवास- पठापुर रोड, छतरपुर)।
*​रविंद्र कुशवाहा (भांजा):* पिता मोतीलाल कुशवाहा, निवासी कुसमा, थाना महाराजपुर (हाल निवास- पठापुर रोड, छतरपुर)।

*​पुलिस की बड़ी कामयाबी:*

 पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और सफेद रंग की स्विफ्ट कार को जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
​इस पेचीदा मामले का 24 घंटे के अंदर खुलासा करने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस, सिविल लाइन पुलिस और साइबर सेल की भूमिका बेहद सराहनीय रही, जिसकी शहर भर में प्रशंसा हो रही है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की कानूनी और वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।

न्यूज़ सोर्स : Mail