श्री कृष्णा विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह बना इतिहास
*श्री कृष्णा विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह बना इतिहास*
*उपलब्धियों, गौरव, शिक्षा-संकल्प और राष्ट्रीय व्यक्तित्वों की उपस्थिति से सजा भव्य आयोजन*
*स्वर्णिम अध्याय में दर्ज हुआ विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत, केंद्रीय मंत्री सहित कई विशिष्ट हस्तियों ने बढ़ाई गरिमा*
✍🏻 सत्यनिधि त्रिपाठी (संजू)
*सत्य एक्सप्रेस*
छतरपुर। *शिक्षा, उपलब्धि, सम्मान और भविष्य के संकल्प का अनुपम संगम उस समय देखने को मिला जब श्री कृष्णा विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह अत्यंत गरिमामय, भव्य एवं सुरम्य वातावरण में आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह ऐतिहासिक समारोह न केवल संस्थान के लिए स्वर्णिम उपलब्धि साबित हुआ, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में भी सफलता, प्रेरणा और नई उड़ान का प्रतीक बन गया।*
*राज्यपाल का शुभकामना संदेश: ‘आज का दिन विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय’*
समारोह के निर्धारित मुख्य अतिथि थावरचंद गहलोत आकस्मिक स्वास्थ्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सके, किंतु उन्होंने अपना विशेष शुभकामना संदेश प्रेषित किया। संदेश में उन्होंने कहा कि श्री कृष्णा विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह संस्थान के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। यह केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि विश्वास, उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम है।
*केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार बने मुख्य अतिथि, उच्च शिक्षा मंत्री ने दिया नई शिक्षा नीति का मंत्र*
समारोह के मुख्य अतिथि वीरेंद्र कुमार रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में इंदर सिंह परमार उपस्थित रहे। इनके साथ तपन भौमिक, ललिता यादव, राजेश शुक्ला, प्रो. खेम सिंह डहेरिया एवं ओम जी जैन सहित अनेक गणमान्य जनों ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।
*विद्यावाचस्पति मानद उपाधियों से अलंकृत हुई राष्ट्रीय विभूतियां*
दीक्षांत समारोह का सबसे आकर्षक और गौरवशाली क्षण वह रहा जब समाज, शिक्षा, सेना, पत्रकारिता और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को विश्वविद्यालय द्वारा विद्यावाचस्पति मानद उपाधि से अलंकृत किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से
*डॉ. आशीष गौतम,*
*गजेंद्र सिंह पटेल,*
*लेफ्टिनेंट जनरल जी. एस. चंदेल,*
*प्रो. अच्युतानंद सामंत,*
*बालेंद्र सिंह,*
*श्रीवर्धन त्रिवेदी* तथा
*चित्रा त्रिपाठी* शामिल रहे।
दीक्षांत शोभायात्रा, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक शैक्षणिक गरिमा के अनुरूप दीक्षांत शोभायात्रा से हुआ। इसके पश्चात राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ विधिवत कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। विश्वविद्यालय परिसर को आकर्षक रंगोलियों, भव्य स्वागत द्वारों और मनोहारी सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिसने पूरे आयोजन को राजसी स्वरूप प्रदान किया।
*कुलाधिपति डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम ने गिनाईं विश्वविद्यालय की उपलब्धियां*
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम ने स्वागत भाषण में कहा कि अल्प समय में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में श्री कृष्णा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान स्थापित करेगा।
*गोल्ड मेडल, पीएचडी, स्नातकोत्तर और स्नातक उपाधियों का हुआ वितरण*
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। साथ ही पीएचडी, स्नातकोत्तर एवं स्नातक उपाधिधारकों को विधिवत डिग्रियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर कुलगुरु डॉ. अमित कुमार जैन ने सभी उपाधिधारकों को शपथ दिलाई।
*नई शिक्षा नीति पर बोले इंदर सिंह परमार—‘भारत फिर बनेगा विश्वगुरु’*
अपने प्रेरक संबोधन में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्स्थापित करने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि मूल्य आधारित, नैतिक और शोधपरक नागरिक तैयार करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
*राष्ट्रीय शिक्षा, शोध और कौशल विकास के नए केंद्र के रूप में उभर रहा विश्वविद्यालय*
कुलाधिपति डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम ने विश्वविद्यालय की भविष्य की योजनाओं, अनुसंधान परियोजनाओं, छात्र उपलब्धियों एवं कौशल विकास आधारित शिक्षा मॉडल पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा इसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
*राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन, यादगार बन गया ऐतिहासिक आयोजन*
राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। श्री कृष्णा विश्वविद्यालय का यह प्रथम दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए उपलब्धि का पर्व, विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण और क्षेत्र के लिए शैक्षणिक इतिहास का यादगार अध्याय बन गया।
*इनकी रही विशेष उपस्थिति*
समारोह में प्रो. राकेश कुशवाहा,
यशवंत पटेल,
डॉ. संतोष साहगौरा,
डॉ. संजय पाठक,
दयानिधि सहित अनेक शिक्षाविद, पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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