अमित भटनागर के परिवार ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
आंदोलन दबाने के लिए परिवार पर दबाव?
अमित भटनागर के परिवार ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
मकान की नाप कराकर मानसिक प्रताड़ना का आरोप, संवाद से समाधान की मांग
छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर जारी आंदोलन अब एक नए और संवेदनशील मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। आंदोलनकारी अमित भटनागर के परिवार ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। जटाशंकर पैलेस में आयोजित पत्रकारवार्ता में अमित के पिता संतोष भटनागर और छोटे भाई अंकित भटनागर ने खुलकर अपनी बात रखी और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
आंदोलन खत्म कराने परिवार पर बनाया जा रहा दबाव
अंकित भटनागर ने बताया कि जिला प्रशासन के कहने पर वे कई बार अपने बड़े भाई अमित भटनागर से मिलने गए और आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि अमित ने आंदोलन खत्म करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। अंकित का आरोप है कि इसके बाद प्रशासन ने उनके परिवार को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है।
मकान की नाप से मानसिक प्रताड़ना का आरोप
अंकित ने कहा कि प्रशासन द्वारा उनके मकान की नाप कराई जा रही है, जिससे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका और उनके परिवार का इस आंदोलन से कोई सीधा संबंध नहीं है, इसके बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है।
"हम निर्दोष, फिर भी कार्रवाई क्यों?"
अंकित भटनागर ने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन को कोई कार्रवाई करनी है तो सीधे अमित भटनागर के खिलाफ करे, न कि उनके परिवार को परेशान करे। उन्होंने इसे अनुचित और दबाव की रणनीति करार दिया।
आत्महत्या की चेतावनी से मामला हुआ और गंभीर
पत्रकारवार्ता के दौरान संतोष भटनागर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते प्रशासनिक दबाव के कारण वे और उनकी पत्नी मानसिक रूप से टूट चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति जारी रही तो वे आत्महत्या करने को मजबूर हो सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस बयान ने पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
संवाद से निकले समाधान, दमन से नहीं
भटनागर परिवार ने प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि आंदोलनकारियों के साथ संवाद स्थापित कर समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले नौ दिनों से आदिवासी समुदाय के लोग भीषण गर्मी में ढोडन गांव में धरना दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन समाधान के बजाय दबाव की नीति अपना रहा है।
दलालों और छोटे नेताओं पर लगाए आरोप
संतोष भटनागर ने आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित नेता और दलाल किस्म के लोग प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। उनके अनुसार, इन्हीं के इशारे पर उनके परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है ताकि आंदोलन को समाप्त कराया जा सके।
टकराव तेज, समाधान पर बड़ा सवाल
केन-बेतवा परियोजना को लेकर जारी इस विवाद में अब प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच टकराव तेज होता नजर आ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह मामला संवाद और सहमति से सुलझेगा या फिर दबाव और कार्रवाई की रणनीति हालात को और अधिक बिगाड़ेगी।

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