इंडी गठबंधन की राजनीति हिंदू विरोधी-सीएम योगी
गोरखपुर। भारत सेवाश्रम संघ, रामकृष्ण मिशन जैसी वैश्विक ख्याति की सनातनी-आध्यात्मिक संस्थाओं पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीएमसी समेत पूरे इंडी गठबंधन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, राजद, सपा और इंडी गठबंधन के सभी दल हिंदू विरोध की राजनीति करते हैं।
शनिवार पूर्वाह्न लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए बलिया रवाना होने से पहले गोरखनाथ मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और उसके जो भी सहयोगी दल हैं, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, बिहार में आरजेडी, बंगाल में टीएमसी या अन्य ऐसे भी जितने दल हैं, उनकी पूरी राजनीति ही हिंदू विरोध पर आधारित है। उनके लिए देश की तुलना में सत्ता अधिक महत्वपूर्ण है। देश की कीमत पर ये दल सत्ता चाहते हैं और कोई भारतीय इसे स्वीकार नहीं करेगा।
पश्चिम बंगाल में भारत सेवाश्रम संघ और रामकृष्ण मिशन के खिलाफ टीएमसी सरकार की मुखिया ममता बनर्जी के विवादित और धमकी भरे बयान को संदर्भित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ, दोनों भारत की प्रतिष्ठित धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थाएं हैं। रामकृष्ण मिशन ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलकर पूरे देश और दुनिया के अंदर सनातन धर्म के मूल्यों और आदर्शों को, भारत के आध्यात्मिक मूल्यों को देश और दुनिया तक पहुंचाने का बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। इसी तरह भारत सेवाश्रम संघ भी सनातन हिंदू धर्म की बहुत ही प्रखर आध्यात्मिक संस्था है। स्वामी प्रणवानंद के मूल्यों और आदर्शों को लेकर भारत सेवाश्रम संघ ने देश और दुनिया में भारत के सनातन धर्म के मूल्यों और आदर्शों के लिए बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। इन दोनों संस्थाओं ने सेवा के विभिन्न प्रकल्पों को भी देश और दुनिया में आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के सभी दलों कांग्रेस, सपा, टीएमसी, आरजेडी, आम आदमी पार्टी आदि की प्रवृत्ति ही हिंदू विरोधी राजनीति की है। सनातन धर्म का विरोध करना, हिंदू धर्म के मूल्यों और आदर्शों का विरोध ही उनकी नींव है। उसी के अनुरूप उनके बयान और कदम सामने आ रहे हैं। ये बयान उनकी हार की बौखलाहट को प्रदर्शित करते हैं।
सीएम योगी ने कहा कि एक तरफ इंडी गठबंधन के दल हिंदुओं की धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थाओं को धमकी दे रहे हैं तो दूसरी तरफ पिछड़ी जाति के लोगों के अधिकारों का जबरन बंदरबांट करने का काम कर रहे हैं। टीएमसी सरकार ने पश्चिम बंगाल के अंदर वर्ष 2010 में 118 मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल करके ओबीसी के आरक्षण पर सेंधमारी की थी। पिछले 14 वर्षों में पिछड़ी जाति के लाखों लोग आरक्षण की सुविधाओं से वंचित हुए होंगे। इसके लिए ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार को और कांग्रेस को ओबीसी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। जिन युवाओं, जिन नागरिकों के अधिकार छीनने का यह कृत्य किया गया है, वह किसी भी स्थिति में स्वीकार योग्य नहीं है। दूसरा यह बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावना के विपरीत है। भारतीय संविधान के शिल्पी डॉ. अंबेडकर ने कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं हो सकता। सीएम ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण भारत के एक और विभाजन के षड्यंत्र का हिस्सा है। कोलकाता उच्च न्यायालय ने जो निर्णय लिया है वह अत्यंत सराहनीय और अभिनंदनीय है। उच्च न्यायालय का यह निर्णय टीएमसी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों के मुंह पर जोरदार तमाचा है।

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