बारिश के मौसम में महिलाओं को क्यों होती है इंटिमेट इंफेक्शन की परेशानी? एक्सपर्ट से समझें बचाव
मानसून का मौसम जहां एक तरफ चिलचिलाती गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं दूसरी तरफ अपने साथ कई तरह की सेहत से जुड़ी परेशानियां भी पैदा करता है। इस मौसम में हवा के अंदर नमी यानी ह्यूमिडिटी काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जिसकी वजह से शरीर के विभिन्न हिस्सों में बैक्टीरिया और फंगस बहुत तेजी से पनपने लगते हैं। खासकर शरीर के संवेदनशील हिस्सों (इंटिमेट एरिया) में पसीना और नमी बरकरार रहने तथा सही साफ-सफाई न होने के कारण संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी इस बरसात के सीजन में अपनी पर्सनल हाइजीन यानी साफ-सफाई का विशेष तौर पर ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
मानसून के दौरान इंटिमेट हाइजीन क्यों है जरूरी?
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नमी के कारण फंगल इंफेक्शन का खतरा: बारिश के दिनों में वातावरण में नमी अधिक होने की वजह से कपड़े और शरीर का भीतरी हिस्सा लंबे समय तक नम रह सकता है, जो फंगस और हानिकारक बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए एकदम अनुकूल स्थिति तैयार करता है।
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खुजली, जलन और रैशेज की समस्या: यदि इंटिमेट एरिया को पूरी तरह साफ और सूखा न रखा जाए, तो वहां भयंकर खुजली, त्वचा में जलन, लालिमा और रैशेज जैसी तकलीफदेह समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जो आगे चलकर विकराल रूप ले सकती हैं।
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बदबू और बैक्टीरियल संक्रमण: ज्यादा पसीना आने और नमी टिके रहने की वजह से बैक्टीरिया तेजी से एक्टिव हो जाते हैं, जिससे असहज दुर्गंध आने लगती है और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।
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महिलाओं में संक्रमण की अधिक आशंका: महिलाओं के शरीर की बनावट के कारण इस मौसम में यीस्ट इंफेक्शन और अन्य बैक्टीरियल संक्रमण होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है, इसलिए उन्हें इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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पुरुषों को भी रखनी चाहिए सावधानी: केवल महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुषों को भी पसीने और नमी के कारण गुप्तांगों के आसपास खुजली, फंगल इंफेक्शन और स्किन की अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नियमित सफाई और सूखे वस्त्र पहनना बहुत जरूरी है।
मानसून में संक्रमण से बचने के आसान और असरदार उपाय
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नियमित सफाई करें: दिन में कम से कम एक या दो बार गुनगुने या साफ पानी से इंटिमेट एरिया की अच्छी तरह सफाई करें। इस दौरान तेज खुशबू वाले केमिकल युक्त सोप या प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से पूरी तरह बचें।
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सूती (कॉटन) अंडरवियर पहनें: इस मौसम में हमेशा कॉटन के ढीले-ढाले अंडरगारमेंट्स पहनें। कॉटन पसीना आसानी से सोखता है और त्वचा को सांस लेने की जगह देता है, जिससे इंफेक्शन का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
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गीले कपड़े तुरंत बदलें: यदि आप बारिश में भीग जाएं या जिम व अन्य कारणों से शरीर पर ज्यादा पसीना आ जाए, तो गीले कपड़ों और अंडरवियर को बिना देर किए तुरंत बदल लें।
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त्वचा को पूरी तरह सुखाएं: नहाने या साफ-सफाई करने के बाद इंटिमेट एरिया को साफ तौलिए से अच्छी तरह सुखा लें। नमी रह जाने से फंगस बहुत तेजी से फैलता है।
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टाइट कपड़ों से बनाएं दूरी: बहुत ज्यादा चुस्त या सिंथेटिक कपड़े पहनने से पसीना ज्यादा आता है और हवा का संचार रुक जाता है, जो बैक्टीरिया के पनपने का मुख्य कारण बनता है।
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खानपान और पानी का रखें ध्यान: अपने शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। साथ ही, अपनी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत रखने वाला संतुलित आहार लें ताकि शरीर संक्रमण से लड़ सके।
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डॉक्टर से संपर्क करें: यदि इसके बावजूद लगातार खुजली, गंभीर जलन, असहज बदबू, किसी तरह का असामान्य डिस्चार्ज या दर्द महसूस हो, तो बिना कोई घरेलू नुस्खा अपनाए तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें। खुद से मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेकर खाने की गलती बिल्कुल न करें।

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