भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र का औपचारिक आगाज़ सोमवार को हो गया है। सत्र के प्रथम दिवस ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। इस बैठक में सत्र के दौरान होने वाली संपूर्ण विधायी कार्यवाही, प्रस्तावित विधेयकों तथा जनहित के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा का समय और एजेंडा निर्धारित किया जा रहा है।

कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय हो रहा सत्र का पूरा एजेंडा

विधानसभा अध्यक्ष की अगुवाई में आयोजित कार्यमंत्रणा समिति की यह बैठक मानसून सत्र की दशा और दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी बैठक के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगामी दिनों में कौन-कौन से विधेयक पटल पर रखे जाएंगे, किन विभागों से जुड़े प्रश्नों को प्राथमिकता दी जाएगी और किन विशेष विषयों पर सदन में चर्चा कराई जाएगी।

सरकार पेश करेगी अनुपूरक बजट और विपक्ष की घेराबंदी

राज्य सरकार इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत करने की पूर्ण तैयारी कर चुकी है। इसके माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधान किए जाएंगे। दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस ने भी प्रदेश की कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और रोजगार जैसे प्रमुख मुद्दों पर सरकार को सदन में घेरने की पुख्ता रणनीति बनाई है।

सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक रणनीति पर रहेगी नजर

सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की उपस्थिति से विधानसभा परिसर में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी सत्ता पक्ष की ओर से सदन के सुचारू संचालन और सरकार की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस विधायी प्रक्रिया के साथ-साथ आगामी दिनों की कार्ययोजना को लेकर राजनीतिक बैठकों का दौर भी जारी रहेगा।

विधायक दल की बैठक और आगामी दिनों में तीखी बहस के आसार

विधानसभा की औपचारिक कार्यवाही संपन्न होने के पश्चात शाम को सत्ता पक्ष के विधायक दल की विशेष बैठक भी आयोजित की जा रही है। इस बैठक में सत्र के दौरान विधायकों की उपस्थिति और विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति पर मंथन होगा। आगामी 24 जुलाई तक चलने वाले इस मानसून सत्र में अनुपूरक बजट और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।