सुबह-सुबह सोनम वांगचुक से मिले कांग्रेस नेता, स्वास्थ्य का लिया हालचाल
नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का आमरण अनशन आज 20वें दिन में प्रवेश कर गया है। इसी बीच शुक्रवार सुबह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा जंतर-मंतर पहुंचे और उन्होंने अनशन पर बैठे वांगचुक व उनके साथ डटे छात्रों के बिगड़ते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की।
असंवेदनशील सरकार के सामने विरोध का तरीका बदलना जरूरी: पवन खेड़ा
सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश इस समय एक बेहद असंवेदनशील सत्ता से जूझ रहा है जो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध की भाषा को समझने में पूरी तरह नाकाम रही है।
खेड़ा ने आंदोलनकारियों की सेहत को लेकर चिंता जताते हुए कहा:
"हम सभी सोनम वांगचुक और उनके साथ अनशन पर बैठे युवाओं की गिरती सेहत को लेकर बेहद परेशान हैं। ऐसी कठोर सरकार के सामने हमें अपने विरोध के तरीकों में बदलाव करते रहना चाहिए। अपनी जान को दांव पर लगाकर इस हुकूमत से कुछ भी हासिल करना मुमकिन नहीं है, क्योंकि इन्हें किसी के जीवन की परवाह नहीं है।"
कांग्रेस नेता ने आगे बताया कि उनकी पार्टी लंबे समय से 'छात्रों की गूंज' नामक राष्ट्रव्यापी अभियान चला रही है। इसके तहत कांग्रेस के कार्यकर्ता हर गली-मोहल्ले और कॉलेज कैंपस में जाकर परीक्षाओं में धांधली के मुद्दों को मुखरता से उठा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि विपक्ष केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर ही नहीं अड़ा है, बल्कि पूरे देश की परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाने की मांग कर रहा है।
"20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, फिर संसद मार्च करेंगे": सोनम वांगचुक
लगातार 20 दिनों से भूखे रहने के बावजूद सोनम वांगचुक का हौसला और उनका अनूठा अंदाज बरकरार है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने एक वीडियो संदेश में उन्होंने बेहद चुटीले लेकिन कड़े लहजे में सरकार को चुनौती दी है।
वांगचुक ने कहा:
"मैं किसी भी परिस्थिति में आगामी 20 जुलाई तक खुद को जीवित रखूंगा, ताकि मैं आप सभी युवाओं और देशवासियों के साथ मिलकर संसद भवन तक प्रस्तावित मार्च का नेतृत्व कर सकूं। लेकिन याद रखिए, अगर 20 जुलाई को हमारा यह संसद मार्च किसी वजह से सफल नहीं हो पाया, तो फिर मैं आप सबके हक के लिए भूत बनकर वापस लौटूंगा।"
सोनम वांगचुक के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए विभिन्न नागरिक संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों ने उनके जज्बे की तारीफ की है। लोगों का कहना है कि जीवन के इतने कठिन और शारीरिक रूप से कमजोर कर देने वाले समय में भी वांगचुक ने अपना 'सेंस ऑफ ह्यूमर' (हास्यबोध) नहीं खोया है, जो उनके फौलादी इरादों को दर्शाता है। फिलहाल, 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है।

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