टीम इंडिया में सूर्यकुमार यादव की वापसी कैसे होगी? पूर्व कप्तान के लिए खुला है रास्ता
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और राष्ट्रीय चयन समिति के गलियारों से टी20 क्रिकेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक सूर्यकुमार यादव को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। हाल ही में भारतीय टी20 टीम की कमान गंवाने और फिर अंतिम एकादश (प्लेइंग इलेवन) से पूरी तरह बाहर होने के बाद, ऐसा माना जा रहा था कि सूर्यकुमार का अंतरराष्ट्रीय करियर अब समाप्ति की ओर है।
लेकिन खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि इस धाकड़ खिलाड़ी के लिए नीली जर्सी पहनने के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। हालांकि, भारतीय टीम में दोबारा अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए उन्हें एक बेहद कठिन और अग्निपरीक्षा वाले दौर से गुजरना होगा। चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि उन्हें राष्ट्रीय टीम का टिकट तभी मिलेगा जब वे अपने गृह राज्य मुंबई की ओर से घरेलू क्रिकेट पिचों पर रनों का अंबार लगाएंगे।
उम्र का बढ़ता पड़ाव और 2028 का लक्ष्य; आगामी राहें सूर्यकुमार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण
मुंबई: क्रिकेट पंडितों का मानना है कि सूर्यकुमार यादव के लिए आगामी कुछ महीने उनके करियर की दिशा तय करने वाले साबित होंगे:
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बढ़ती उम्र की चुनौती: सूर्यकुमार यादव बहुत जल्द अपने जीवन के 36वें वर्ष में कदम रखने जा रहे हैं। क्रिकेट के सबसे छोटे और तेज प्रारूप में बढ़ती उम्र के साथ फिटनेस और आक्रामकता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है।
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2028 विश्व कप पर नजर: अगला टी20 विश्व कप साल 2028 में खेला जाना है, जिसे ध्यान में रखते हुए चयनकर्ता अभी से युवा टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कप्तानी सौंपे जाने के बाद सूर्या की राहें और मुश्किल हो गई हैं, भले ही श्रेयस की अगुआई में भारत को हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखलाओं में शिकस्त का सामना करना पड़ा हो।
बीसीसीआई सूत्रों का बड़ा खुलासा: 'भविष्य की योजनाओं में भले शामिल नहीं, लेकिन प्रदर्शन ही खोलेगा टीम का ताला'
मुंबई: भारतीय क्रिकेट के शीर्ष प्रशासनिक सूत्रों से मिली आंतरिक जानकारी के मुताबिक, सेलेक्टर्स ने सूर्या के अनुभव और उनकी मैच जिताने की क्षमता को पूरी तरह खारिज नहीं किया है:
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चयनकर्ताओं का रुख: बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सूर्यकुमार यादव के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे पूरी तरह खुले रखे गए हैं। वर्तमान में वे चयनकर्ताओं की पहली प्राथमिकता या भविष्य की आगामी श्रृंखलाओं के रोडमैप का हिस्सा भले न हों, लेकिन क्रिकेट में फॉर्म और रन ही अंतिम पैमाना होते हैं।
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घरेलू पिचों पर चमकने का मौका: यदि सूर्यकुमार मुंबई की रणजी या सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसी घरेलू प्रतियोगिताओं में अपनी पुरानी लय हासिल कर लगातार असाधारण और बड़ी पारियां खेलते हैं, तो उन्हें टीम में वापस शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
आंकड़ों का उतार-चढ़ाव: विश्व कप 2026 और आईपीएल के खराब प्रदर्शन के कारण टीम से हुए थे ड्रॉप
मुंबई: सूर्यकुमार यादव को अचानक टीम से बाहर करने का चयनकर्ताओं का यह कड़ा फैसला उनके पिछले कुछ समय के निराशाजनक और उतार-चढ़ाव भरे आंकड़ों का परिणाम है:
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एक साल तक खामोश रहा बल्ला: बीते पूरे एक साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूर्या का बल्ला पूरी तरह शांत नजर आया, जहां वे 19 पारियों में एक भी अर्धशतक लगाने में नाकाम रहे। हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में उन्होंने 3 अर्धशतक जड़कर वापसी की उम्मीदें जगाई थीं।
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विश्व कप 2026 में खराब फॉर्म: टी20 विश्व कप 2026 के अपने पहले ही मैच में उन्होंने 84 रनों की नाबाद मैच जिताऊ पारी खेली थी, लेकिन उसके बाद के अगले 8 मुकाबलों में वे केवल 158 रन ही जोड़ सके। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब वे फाइनल जैसे महामुकाबले में बिना खाता खोले (शून्य पर) पवेलियन लौट गए।
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आईपीएल का फीका सीजन: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में भी मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए वे 13 पारियों में मात्र 270 रन ही बना सके। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 147.54 का रहा, जो उनके कद के हिसाब से काफी कम था। इसी लचर प्रदर्शन के बाद चयन समिति ने युवा रक्त को मौका देते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया था, और अब सूर्या को खुद को साबित करने के लिए नए सिरे से शुरुआत करनी होगी।

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