क्लेरेंस हत्याकांड का आरोपी बाबा ईसाई पुलिस के हत्थे चढ़ा, जांच तेज
जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीते 23 अप्रैल को हुई क्लेरेंस उर्फ राजा की जघन्य हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड विकास रिंकू नेल्सन उर्फ बाबा ईसाई को पुलिस ने कटंगा इलाके से बुधवार की शाम करीब 5 बजे गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि पुरानी रंजिश के चलते चलती मोटरसाइकिल पर क्लेरेंस के सिर में बेहद नजदीक से गोली मारकर उसकी जान ले ली गई थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के आरोप में पुलिस पहले ही तेजबल उर्फ अरुण रैकवार, मोहित ठाकुर, प्रिंस नेल्सन और एक विधि विरुद्ध बालक को अपनी गिरफ्त में ले चुकी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी पर शिकंजा कस दिया है।
करोड़ों की कीमती जमीन का खूनी विवाद
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और पूछताछ में यह बात साफ हो गई है कि इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के पीछे लगभग 15 एकड़ बेशकीमती जमीन का पुराना विवाद था। इसी जमीन पर अपना वर्चस्व कायम करने और क्लेरेंस को रास्ते से हटाने के लिए पूरी साजिश रची गई थी। गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी बाबा ईसाई से अब कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या की इस पूरी पटकथा के पीछे छिपे असली किरदारों और योजना के हर एक पहलू को उजागर किया जा सके। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए कब और कहां बैठकर रणनीति तैयार की गई थी।
फरारी के दौरान बढ़ा दी गई थी इनामी राशि
वारदात के बाद से ही मुख्य आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी न होने के कारण पुलिस अधीक्षक के विशेष दिशा-निर्देश पर बाबा ईसाई और उसके साथी प्रिंस पर घोषित इनाम की राशि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया था। पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन वह बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। आखिरकार सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी करते हुए पुलिस की विशेष टीम ने उसे कटंगा क्षेत्र से उस समय दबोच लिया, जब वह शहर से बाहर भागने की फिराक में था।
हथियार और वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद
इस मामले में पुलिस पूर्व में गिरफ्तार किए गए सह-आरोपी प्रिंस नेल्सन के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और वारदात के समय उपयोग की गई मोटरसाइकिल पहले ही बरामद कर चुकी है। फॉरेंसिक टीम द्वारा इन सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है ताकि इन्हें अदालत में पुख्ता सबूत के तौर पर पेश किया जा सके। पुलिस अब बाबा ईसाई के बयानों का मिलान पहले पकड़े गए आरोपियों के बयानों से कर रही है, जिससे इस बात की पुष्टि हो सके कि वारदात में उपयोग किए गए हथियार कहां से लाए गए थे और इसमें किन अन्य लोगों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मदद की थी।
अन्य संदिग्धों की तलाश और कड़ी सजा की तैयारी
मुख्य साजिशकर्ता के पकड़े जाने के बाद अब रांझी पुलिस का पूरा ध्यान इस मामले से जुड़े हर छोटे-बड़े चेहरे को बेनकाब करने पर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरारी के दौरान जिन लोगों ने भी आरोपी को शरण दी या उसे आर्थिक मदद पहुंचाई, उन्हें भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया जाएगा। पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को इतनी मजबूती से जोड़ रही है ताकि न्यायालय के समक्ष एक अकाट्य चालान पेश किया जा सके और पीड़ित

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