रीवा-मझियार सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
रीवा। मानसून की दस्तक के साथ ही रीवा से मझियार जाने वाली 11 किलोमीटर लंबी सड़क की दुर्दशा सामने आ गई है। बारिश के कारण इस मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, जहां सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे अब तालाब में तब्दील हो चुके हैं। इन गड्ढों में जलभराव के चलते राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल मरम्मत और समुचित जल निकासी की मांग की है।
असुविधा और हादसों का बढ़ता खतरा
खराब सड़क के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली विद्यार्थियों, मरीजों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत वर्षों से नहीं की गई है, जिसके कारण यह पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बारिश के पानी से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है, जिससे आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। समय रहते यदि मार्ग का सुधार नहीं किया गया, तो यहां किसी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका तर्क है कि सड़क निर्माण और सुधार के लिए बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों के अनुसार, हर वर्ष मानसून से ठीक पहले प्रशासन केवल खानापूर्ति के नाम पर मामूली काम करवा देता है, जो पहली बारिश में ही बह जाता है। इस बार भी वही पुरानी स्थिति दोहराई गई है, जिससे जनता में काफी आक्रोश है।
ग्रामीणों की तत्काल सुधार की गुहार
सड़क की दयनीय स्थिति के कारण ग्रामीणों का संपर्क मार्ग बाधित हो रहा है और उनका जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को चेताया है कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और तत्काल गड्ढों को भरवाकर सड़क का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित करें। अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस वाजिब मांग पर कितनी त्वरित कार्रवाई करता है और कब तक उन्हें इस बदहाल सड़क से राहत मिलती है।

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