रेल यात्रियों के लिए बड़ा अलर्ट! बिलासपुर जोन की 5 ट्रेनें कैंसिल, देखें पूरी सूची
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार समेत कई राज्यों के रेल यात्रियों के लिए रेल सफर से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। यदि आप आने वाले दिनों में ट्रेनों के माध्यम से लंबी दूरी की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस एक बार अनिवार्य रूप से जांच लें। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले कंसबहाल और धारुआडीही रेल सेक्शन में अप और डाउन दोनों लाइनों पर पटरियों (ट्रैक) की आवश्यक मरम्मत, आधुनिकीकरण और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा 'मेगा ब्लॉक' (Mega Block) लेने का आधिकारिक फैसला किया गया है।
रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह मेगा ब्लॉक 3 जुलाई से शुरू होकर आगामी 17 नवंबर तक कुल साढ़े चार महीनों से अधिक समय के लिए प्रभावी रहेगा। इसके अंतर्गत हर सप्ताह के मंगलवार और शुक्रवार को रेलवे ट्रैक पर हैवी मशीनों के साथ मेंटेनेंस का काम किया जाएगा। चक्रधरपुर मंडल में होने वाले इस ब्लॉक का सीधा और व्यापक असर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन से होकर गुजरने वाली और यहां से शुरू होने वाली दर्जनों लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन पर पड़ने जा रहा है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
बिलासपुर जोन की 5 प्रमुख ट्रेनें पूरी तरह रद्द, 20 से 40 दिनों तक थमे रहेंगे पहिए
इस मेगा ब्लॉक के कारण रेलवे ने बिलासपुर जोन से होकर गुजरने वाली 5 सबसे व्यस्त और प्रमुख एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों को अलग-अलग निर्धारित तारीखों में पूरी तरह से रद्द (Cancel) करने का निर्णय लिया है। यह रद्दीकरण 20 दिनों से लेकर अधिकतम 40 दिनों तक के लिए लागू रहेगा:
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हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस: तेलंगाना को बिहार से जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण ट्रेन ब्लॉक की अवधि के दौरान विभिन्न तारीखों में पूरी तरह निरस्त रहेगी।
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बिलासपुर-टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस: छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाली यह दैनिक लाइफलाइन ट्रेन भी निर्धारित तिथियों में पटरी पर नहीं उतरेगी।
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टाटानगर-इतवारी (नागपुर)-टाटानगर एक्सप्रेस: झारखंड से छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों की यह पसंदीदा ट्रेन भी 20 से 40 दिनों तक के लिए रद्द कर दी गई है।
इन ट्रेनों के पूरी तरह रद्द होने के कारण उन यात्रियों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है जिन्होंने महीनों पहले त्योहारों या पारिवारिक कार्यों के लिए कंफर्म टिकट बुक कराए थे। रेलवे इन रद्द ट्रेनों के यात्रियों को पूरा रिफंड (पैसा वापसी) ऑनलाइन और काउंटर के माध्यम से जारी कर रहा है।
साउथ बिहार एक्सप्रेस के रूट में कटौती, दुर्ग और राउरकेला के बीच नहीं चलेगी ट्रेन
इस मेगा ब्लॉक का सबसे बड़ा झटका उन यात्रियों को लगा है जो छत्तीसगढ़ से बिहार और झारखंड के बीच सफर करते हैं। रेलवे ने प्रसिद्ध साउथ बिहार एक्सप्रेस की सेवाओं को अस्थायी रूप से बीच रास्ते में ही समाप्त और वहीं से शुरू करने (Short Terminate / Short Originate) का फैसला किया है:
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आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13288): यह ट्रेन बिहार के आरा स्टेशन से रवाना होने के बाद अपने अंतिम स्टेशन दुर्ग तक नहीं पहुंचेगी। इसे बीच रास्ते में ही यानी राउरकेला स्टेशन पर पूरी तरह रोक दिया जाएगा और वहीं खाली कर दिया जाएगा।
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दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13287): वापसी में यह ट्रेन छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्टेशन से रवाना नहीं होगी। इसके बजाय यह राउरकेला स्टेशन से ही बिहार के आरा के लिए अपनी यात्रा शुरू करेगी।
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यात्रियों के लिए जरूरी नोट: इसका सीधा अर्थ यह है कि दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर से लेकर राउरकेला के बीच के सभी मध्यवर्ती स्टेशनों के लिए दोनों ही दिशाओं में साउथ बिहार एक्सप्रेस की सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। इस रूट के यात्रियों को अब वैकल्पिक ट्रेनों या सड़क मार्ग का सहारा लेना होगा।
ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का बदला मार्ग, बढ़ेगा यात्रा का समय
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने के बजाय उन्हें डायवर्टेड रूट (वैकल्पिक मार्ग) से चलाने का फैसला किया है। हालांकि, रूट बदलने के कारण इन ट्रेनों के समय में काफी बदलाव आएगा और यात्रियों का सफर लंबा हो जाएगा:
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ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 18478): उत्तराखंड से ओडिशा जाने वाली यह ट्रेन अपने नियमित मार्ग चक्रधरपुर-टाटानगर के स्थान पर निर्धारित तिथियों में ईब–झारसुगुड़ा रोड–संबलपुर सिटी–कटक मार्ग से होकर संचालित की जाएगी।
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आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस (विशेष दिनों में): कुछ विशेष तारीखों पर जब इस ट्रेन को पूर्ण मार्ग पर चलाया जाएगा, तब यह अपने नियमित स्टेशन टाटानगर-गमहारीया के स्थान पर कांड्रा-सीनी मार्ग से होकर घुमाकर दुर्ग पहुंचाई जाएगी।
रूट डायवर्जन के कारण कई स्टेशनों के यात्रियों को अपनी ट्रेनें छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा, क्योंकि ट्रेनें उन स्टेशनों पर नहीं जाएंगी जो मुख्य मार्ग पर स्थित हैं।
झारखंड, बिहार, तेलंगाना और महाराष्ट्र के लाखों रेल यात्री होंगे सीधे प्रभावित
इस दीर्घकालिक मेगा ब्लॉक के कारण न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश के चार अन्य बड़े राज्यों झारखंड, बिहार, तेलंगाना और महाराष्ट्र के यात्रियों पर भी इसका सीधा और गहरा असर पड़ेगा।
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कनेक्टिविटी टूटेगी: बिलासपुर जोन भारतीय रेलवे का सबसे व्यस्त और माल ढुलाई के लिहाज से महत्वपूर्ण जोन माना जाता है। इस जोन से होकर दक्षिण को उत्तर और पूर्व को पश्चिम से जोड़ने वाली ट्रेनें गुजरती हैं।
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देरी से चलेंगी ट्रेनें: जो ट्रेनें रद्द या डायवर्ट नहीं की जा रही हैं, उन्हें भी ब्लॉक के दौरान कॉशन (धीमी गति) से चलाया जाएगा या बीच के स्टेशनों पर रोक-रोक कर (Regulate) चलाया जाएगा। इसके कारण कई सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 6 घंटे की भारी देरी से चलेंगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, एनटीईएस (NTES) ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से अपनी ट्रेन की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें।

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