भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है और इसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। राजधानी भोपाल और उसके आस-पास के इलाकों में बीते दिनों से लगातार बादल छाए हुए हैं, वहीं बीती रात कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। अच्छी बात यह है कि जो जिले अब तक मानसून की पहुंच से दूर थे—जैसे रतलाम, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और चंबल संभाग के इलाके—वे भी अब पूरी तरह से मानसून की जद में आ चुके हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के कारण आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार और तेज होने वाली है।

हरदा और खंडवा में 'रेड अलर्ट', निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

मौसम विज्ञान केंद्र (भोपाल) ने आज राज्य के दो प्रमुख जिलों—हरदा और खंडवा के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है, क्योंकि मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नालों के उफान पर आने और निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने (जलभराव) की गंभीर स्थिति बन सकती है।

इन 6 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट', तेज हवाओं के साथ गिर सकती है बिजली

मौसम विभाग ने प्रदेश के 6 अन्य जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जहां 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.5 मिलीमीटर तक अति भारी बारिश होने की आशंका है। ये जिले हैं:

  • धार

  • बुरहानपुर

  • खरगोन

  • बैतूल

  • बड़वानी

  • देवास

मौसम विभाग की चेतावनी: खराब मौसम, तेज आंधी और भारी बारिश के दौरान किसान खेतों में काम करने से बचें और कोई भी व्यक्ति पेड़ों के नीचे शरण न ले। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।

अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच पानी गिरने का अनुमान

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के कई हिस्सों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। राज्य में आगामी 5 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आगामी दिनों की बात करें तो धार और बड़वानी में आज, जबकि खरगोन जिले में कल के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

राहत के बीच चिंता: अब भी कोटे से 28% कम है बारिश

भले ही जून के पूरे महीने आंधी-बारिश का दौर चला हो और जुलाई की शुरुआत भी दमदार रही हो, लेकिन प्रदेश में अब तक कुल 100.2 मिमी (करीब 4 इंच) ही पानी बरसा है। यह आंकड़ा इस समय तक होने वाली सामान्य बारिश (139.7 मिमी या 5.4 इंच) के मुकाबले अभी भी 28 प्रतिशत कम है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगले 4 दिनों की ये भारी बारिश इस कमी की भरपाई कर देगी।