चढ़ावा चोरी मामला गरमाया, SIT ने फिर की पूछताछ; बुलडोजर एक्शन की तैयारी तेज
अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में जांच की आंच अब तेज हो गई है। मामले की तहकीकात में जुटी विशेष जांच दल (एसआइटी) के तीनों वरिष्ठ सदस्य गुरुवार दोपहर एक बार फिर रामनगरी अयोध्या पहुंचे और नए सिरे से पड़ताल शुरू की। जांच टीम ने मंदिर से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को तलब कर लंबी पूछताछ की है, जिससे इस संवेदनशील मामले में कड़े कानूनी शिकंजे के संकेत मिल रहे हैं।
ट्रस्टी अनिल मिश्र से बंद कमरे में सघन पूछताछ
अयोध्या पहुंचते ही एसआइटी की टीम ने सबसे पहले राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र से संपर्क किया। एसआइटी ने एक बंद कमरे में उनसे करीब एक घंटे तक बेहद सघन पूछताछ की। इस दौरान चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था, लॉकर प्रबंधन और चोरी के समय की गतिविधियों को लेकर कई तीखे सवाल-जवाब किए गए, जिसके बाद डॉ. मिश्र का आधिकारिक बयान दर्ज किया गया।
व्यवस्थापक गोपाल राव को समन, आभूषणों व जमीनी दस्तावेजों की पड़ताल
डॉ. अनिल मिश्र से पूछताछ पूरी होने के तुरंत बाद एसआइटी ने मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव को जांच के लिए बुलाया। सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने गोपाल राव से श्रद्धालुओं द्वारा दान में दिए गए सोने-चांदी के आभूषणों के स्टॉक रजिस्टर की मांग की। इसके साथ ही, हाल के दिनों में हुई भूमि खरीद (लैंड डील्स) से जुड़े महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की विस्तृत जानकारी भी हासिल की गई।
महासचिव चंपत राय के बयान से बयानों का मिलान
जांच के अगले चरण में एसआइटी ने डॉ. अनिल मिश्र और व्यवस्थापक गोपाल राव द्वारा दिए गए बयानों की कड़ियों को आपस में जोड़ा। इसके बाद इन दोनों के बयानों का मिलान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय द्वारा पहले दिए गए आधिकारिक बयानों से किया गया। जांच दल यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि क्या सभी शीर्ष पदाधिकारियों के बयानों में एकरूपता है या वित्तीय लेन-देन और चढ़ावे के आंकड़ों में कोई विरोधाभास है। इस मिलान प्रक्रिया के बाद एसआइटी मामले की अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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