एटीआर के ग्राम डंगनिया निवासी आनंद एक्का ने सूकर पालन को बनाया आय का जरिया
रायपुर : मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र के वनग्राम डंगनिया निवासी आनंद एक्का ने विभागीय योजना के तहत प्राप्त सहायता को आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बना लिया है। उन्होंने दो वर्ष पूर्व पशुपालन विभाग की सूकरत्रयी (सुअर पालन) योजना का लाभ प्राप्त किया और सूकर पालन को अपनी आय का जरिया बनाया। योजना के तहत मिले सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन की बदौलत उन्होंने व्यवस्थित रूप से सूकर पालन का कार्य शुरू किया। शुरुआत में सीमित संख्या से शुरू हुआ यह व्यवसाय आज सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वर्तमान में आनंद एक्का के पास 54 उन्नत नस्ल के सूकर हैं।
बेहतर प्रबंधन, नियमित देखभाल और विभागीय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के कारण उन्हें गत वर्ष लगभग 85 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस अतिरिक्त आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि भविष्य के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। आनंद एक्का ने बताया कि सूकर पालन आज उनके परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। इससे बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और अन्य खर्चों को पूरा करने में काफी सहायता मिल रही है। वे अन्य ग्रामीणों को भी पशुपालन आधारित आजीविका अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने विभाग द्वारा प्रदान किए गए सहयोग और समय-समय पर दिए जाने वाले तकनीकी मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी योजनाएं यदि सही तरीके से लागू हों और लाभार्थी पूरी लगन से कार्य करें, तो आर्थिक आत्मनिर्भरता का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है।

बारिश ने रोकी गुवाहाटी की रफ्तार, कई इलाकों में जलभराव से परेशानी
PF खाताधारकों के लिए बड़ी राहत, EPFO ने ट्रांसफर किया ब्याज; जानें बैलेंस चेक करने का तरीका
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, क्या कच्चे तेल की राजनीति है असली कारण?
'वायुसेना लगाना समाधान नहीं', NEET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिखाया आईना
भारत-जिम्बाब्वे दूसरा टी20 मैच, टाइमिंग से लेकर लाइव टेलीकास्ट तक सब कुछ जानें
पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को चीन का सहारा, विदेशी मुद्रा संकट में मिली राहत
बच्चों की परवरिश पर SC की चिंता, बोला- मोबाइल नहीं, परिवार सबसे बड़ा सहारा
बकस्वाहा के बेटे आयुष जैन का मुंबई में जलवा
मगरमच्छ गंगाराम की अनोखी कहानी, जिसकी मौत पर पूरा गांव रो पड़ा
अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों का हंगामा, शिक्षकों की बर्खास्तगी और खराब भोजन पर फूटा गुस्सा