कैंसर पीड़ित मासूम की मौत मामले में अस्पताल प्रशासन पर सवाल
भोपाल। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) में एक तीन साल के कैंसर पीड़ित मासूम की इलाज के दौरान हुई मौत ने चिकित्सा प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मामले की पड़ताल में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि बच्चे को दवा देने के बजाय अनजाने में 'फॉर्मेलिन' नाम का बेहद घातक केमिकल नसों के जरिए दे दिया गया। इस जानलेवा चूक के बाद बच्चे की स्थिति तेजी से बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। मृतक बच्चे की पहचान सागर जिले के बीना अंतर्गत आने वाले कौरजा गांव के रहने वाले सार्थक यादव के रूप में हुई है, जो ब्लड कैंसर से पीड़ित था और उसे गंभीर हालत में एम्स के बाल रोग विभाग में दाखिल कराया गया था।
अस्पताल वार्ड में लापरवाही से रखा गया था घातक केमिकल
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मरीज के बायोप्सी सैंपल को प्रिजर्व करने के लिए एक सिरिंज में फॉर्मेलिन भरकर वार्ड में रखा गया था। आरोप है कि वहां तैनात नर्सिंग ऑफिसर अनुका गुजराती ने इस खतरनाक रसायन को किसी सुरक्षित या तय स्थान पर रखने के बजाय घोर लापरवाही बरतते हुए सीधे बच्चे के बिस्तर के नजदीक ही छोड़ दिया, जो अस्पताल के तय सुरक्षा मानकों के बिल्कुल विपरीत था।
परिजनों की चेतावनी को किया नजरअंदाज, लगा दिया गलत इंजेक्शन
घटना वाले दिन सुबह जब बच्चे की आईवी (ड्रिप) लाइन ब्लॉक हो गई, तो वहां ड्यूटी पर मौजूद नर्स मधुबाला शर्मा ने बिना किसी जांच-पड़ताल के पास में रखी उसी केमिकल वाली सिरिंज को उठा लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मासूम के पिता ने सिरिंज को देखकर नर्स को कई दफा टोकने और सावधान करने की कोशिश की थी कि उसमें दवा नहीं कुछ और है, लेकिन उनकी इस गुहार को पूरी तरह अनसुना कर दिया गया और इंजेक्शन मासूम को लगा दिया गया। केमिकल शरीर में फैलते ही बच्चे की हालत बेहद नाजुक हो गई, जिसके बाद उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।
आंतरिक जांच में आरोप सही पाए गए, दोनों नर्सों पर मुकदमा दर्ज
इस दुखद हादसे के बाद एम्स प्रशासन द्वारा बनाई गई इंटरनल इंक्वायरी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर माना है कि मासूम की जान नसों में फॉर्मेलिन केमिकल चले जाने की वजह से ही गई है। जांच में स्टाफ की इस जानलेवा लापरवाही की पुष्टि होने के बाद बागसेवनिया थाना पुलिस ने दोनों जिम्मेदार नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नर्स मधुबाला शर्मा पर लापरवाही से मौत की धाराओं के तहत और अनुका गुजराती पर खतरनाक केमिकल को असुरक्षित ढंग से छोड़ने के आरोप में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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