नई दिल्ली: देश में उच्च सदन (राज्यसभा) के द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनावों के तहत गुरुवार को एक बड़ा फैसला सामने आया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के साथ ही भाजपा नेता सतीश पूनिया और तरुण चुघ सहित कुल 24 उम्मीदवारों को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। खाली हुई 27 सीटों में से 24 पर बिना किसी मुकाबले के स्थिति साफ हो गई, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने जबरदस्त बढ़त बनाते हुए 19 सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि शेष 5 सीटें कांग्रेस के खाते में गई हैं। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत के प्रमाण-पत्र सौंप दिए।

झारखंड और मिजोरम की सीटों पर मुकाबला

जहां देश के कई राज्यों में स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है, वहीं झारखंड की 2 और मिजोरम की 1 सीट पर आगामी 18 जून को मतदान कराया जाएगा। झारखंड में दो सीटों के लिए तीन दिग्गज मैदान में आमने-सामने हैं। इनमें झामुमो (JMM) की तरफ से बैद्यनाथ राम, कांग्रेस की ओर से प्रणव झा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में परिमल नाथवानी शामिल हैं। नाथवानी को भाजपा का समर्थन प्राप्त है। विधानसभा के मौजूदा गणित के अनुसार, झारखंड में विपक्षी गठबंधन (INDIA) के पास 56 विधायक हैं और किसी भी उम्मीदवार को सीधे जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत होगी, जबकि एनडीए के पास भाजपा के 21 विधायकों सहित अन्य दलों का समर्थन मौजूद है। दूसरी तरफ, मिजोरम की एकमात्र सीट के लिए सत्तारूढ़ ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट (ZPM) और मुख्य विपक्षी दल मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) के बीच टक्कर है।

मध्य प्रदेश और कर्नाटक में निर्विरोध निर्वाचन, देवेगौड़ा की पारी का अंत

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां भाजपा के तीनों उम्मीदवारों—तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया। उधर, कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान सहित भाजपा के एम. नागराज को निर्विरोध चुना गया है। इस चुनाव के साथ ही देश की राजनीति में एक लंबा सफर खत्म हो रहा है, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा का राज्यसभा कार्यकाल 25 जून को समाप्त होने के साथ ही उनकी पांच दशकों से ज्यादा लंबी विधायी पारी पर विराम लग जाएगा।

गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों की स्थिति

बाकी राज्यों की बात करें तो गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा ने सभी 4 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कंजारिया की राह साफ की। आंध्र प्रदेश में भी एनडीए का दबदबा रहा, जहां तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के तीन और जनसेना के एक उम्मीदवार ने निर्विरोध जीत दर्ज की। राजस्थान से भाजपा के सतीश पूनिया व अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी संसद के उच्च सदन पहुंचे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के उपचुनाव में राकांपा (NCP) के राजेंद्र जैन, ओडिशा से भाजपा के देवाशीष सामंतराय, तमिलनाडु से कांग्रेस के प्रवीण चक्रवर्ती, मेघालय से जेम्स के संगमा, अरुणाचल प्रदेश से ताई तागाक और मणिपुर से शारदा देवी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है।