मऊगंज में PM अपील के बीच दिखा VVIP कल्चर, निरीक्षण में 8 गाड़ियां शामिल
मऊगंज: पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए देश में ईंधन की बचत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम जनता से पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने और कार पूलिंग (गाड़ियां साझा करने) की अपील की थी। इस संदेश को बढ़ावा देने के लिए खुद प्रधानमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या को कम कर दिया है। लेकिन इन सबके बीच मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से इसके बिल्कुल विपरीत तस्वीर सामने आई है, जहां प्रशासनिक अधिकारियों का एक बड़ा वीवीआईपी (VVIP) काफिला सड़कों पर घूमता नजर आया।
एक-एक अधिकारी के लिए 8 गाड़ियों का लंबा काफिला
मंगलवार (2 जून) को मऊगंज के कलेक्टर संजय कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक (SP) सुरेंद्र कुमार जैन शहर में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 'ब्लैक स्पॉट' (संवेदनशील दुर्घटना क्षेत्र) का निरीक्षण करने निकले थे। उन्होंने नए-पुराने बस स्टैंड और मुख्य चौराहों का मुआयना किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ 8 गाड़ियों का एक लंबा काफिला देखा गया, जिसमें से कई गाड़ियों में सिर्फ एक-एक अधिकारी ही बैठे हुए थे। प्रधानमंत्री की सादगी और बचत की मुहिम के विपरीत, स्थानीय अधिकारियों ने एक सामान्य सरकारी निरीक्षण कार्यक्रम को भारी-भरकम वीवीआईपी कल्चर में बदल दिया।
जर्जर मकानों को गिराने और यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश
इस निरीक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर और एसपी के साथ मऊगंज के एसडीएम एपी द्विवेदी और हनुमना के एसडीएम राजेश मेहता भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर निर्देश दिए कि मानसून की बारिश शुरू होने से पहले शहर के सभी जर्जर मकानों की पहचान की जाए और उन्हें समय रहते गिराया जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। इसके साथ ही अधिकारियों ने अस्पताल चौराहा, बरहटा मोड़ और बरावं मोड़ का जायजा लेते हुए सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने, लेफ्ट टर्न को ठीक करने और वाहन चालकों के लिए दिशा-सूचक बोर्ड लगाने के निर्देश भी जारी किए।

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