*लू ने उजाड़ दिया पूरा घर: बेटे की सांस थमी तो मां का भी टूट गया दिल*

*छतरपुर में दर्दनाक हादसा, एक ही एम्बुलेंस में चली गई मां-बेटे की जान*

✍🏻सत्यनिधि त्रिपाठी (संजू)
*सत्य एक्सप्रेस*
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छतरपुर। कभी-कभी जिंदगी ऐसा मातम लिख देती है, जिसे सुनकर पत्थर दिल इंसान की आंखें भी भर आएं। छतरपुर जिले के हरपालपुर क्षेत्र से सामने आई यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक मां की ममता और उसके टूटे हुए दिल की ऐसी दर्दनाक कहानी है, जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है।
भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने एक छह साल के मासूम की जिंदगी छीन ली, और जब मां ने अपनी गोद में बेटे की बुझती सांसों को महसूस किया, तो उसका अपना दिल भी इस सदमे को सहन नहीं कर पाया। कुछ ही पलों में मां और बेटे दोनों इस दुनिया को अलविदा कह गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरपालपुर निवासी 40 वर्षीय रजिया खातून अपने छह वर्षीय बेटे हसनैन अहमद से बेहद मोहब्बत करती थीं। मंगलवार दोपहर तेज धूप और झुलसा देने वाली गर्मी के बीच अचानक मासूम हसनैन की तबीयत बिगड़ गई। पेट में तेज दर्द, घबराहट और लगातार बिगड़ती हालत को देखकर मां घबरा उठी। वह तुरंत बेटे को स्थानीय डॉक्टर के पास लेकर पहुंचीं, लेकिन जब कोई राहत नहीं मिली तो मां अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से लगाए नौगांव अस्पताल की ओर दौड़ पड़ी।
नौगांव के डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए तत्काल उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद एम्बुलेंस छतरपुर की ओर भाग रही थी… अंदर एक मां अपने बेटे का माथा सहला रही थी, उसे बार-बार पुकार रही थी — “बेटा आंखें खोलो…”
लेकिन शायद नियति कुछ और ही लिख चुकी थी।
तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच रास्ते में ही मासूम हसनैन की सांसें धीमी पड़ने लगीं। मां की गोद में तड़पता बच्चा कुछ ही पलों में हमेशा के लिए शांत हो गया। बेटे का निस्प्राण शरीर देखकर रजिया खातून बुरी तरह टूट गईं। जिस मां ने नौ महीने उसे अपनी कोख में रखा, उसकी आंखों के सामने जब वही लाल हमेशा के लिए खामोश हो गया, तो यह सदमा उनका दिल सह नहीं पाया।
बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल पहुंचते-पहुंचते मां की हालत भी बिगड़ गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद मां और बेटे दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक ही एम्बुलेंस में मां-बेटे की जिंदगी का इस तरह खत्म हो जाना जिसने भी सुना, उसकी आंखें नम हो गईं।
घर में सुबह तक गूंजती बच्चे की किलकारियां शाम होते-होते मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर जुबान पर बस यही सवाल है — आखिर इस तपती गर्मी ने कितने घरों की खुशियां निगलनी बाकी हैं?
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर मौत की वजह भीषण लू और गहरा मानसिक सदमा माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि उस मां की आखिरी चीख है, जो अपने बेटे को बचाने की कोशिश करते-करते खुद भी जिंदगी की जंग हार गई।

न्यूज़ सोर्स : Mail