तमिलनाडु शपथ समारोह में हंगामा, राहुल गांधी के नारे पर कुछ देर रुकी प्रक्रिया
चेन्नई: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के मंत्रिमंडल विस्तार समारोह के दौरान एक बेहद दिलचस्प और सियासी वाकया सामने आया है। राजभवन (लोक भवन) में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस विधायक एस. राजेश कुमार ने मंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद मंच से ही राहुल गांधी और राजीव गांधी के समर्थन में नारे लगा दिए। इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें बीच में ही टोका और याद दिलाया कि यह सब निर्धारित शपथ प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।
शपथ पूरी होते ही गूंजे कांग्रेस नेताओं के नारे
समारोह में सबसे ज्यादा सुर्खियां किल्लियूर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक एस. राजेश कुमार ने बटोरीं। उन्होंने जैसे ही अपने पद और गोपनीयता की शपथ पूरी की, वैसे ही अचानक कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने मंच से कहा, “कामराज अमर रहें, भारत रत्न राजीव गांधी अमर रहें” और “जननेता राहुल गांधी जिंदाबाद।” इस पर राज्यपाल आर्लेकर ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए मुस्कुराकर कहा कि यह शपथ का हिस्सा नहीं है और उन्हें केवल निर्धारित पत्र पढ़ने की सलाह दी, जिसके बाद विधायक भी मुस्कुराते हुए हस्ताक्षर करने चले गए। उनके बाद टीवीके विधायक ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने भी मंत्री बनने के बाद मुख्यमंत्री विजय की तारीफ में नारे लगाए।
तमिलनाडु में करीब 60 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस
इस नए मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में एक नया इतिहास रच गया है। राज्य की सत्ता में कांग्रेस पार्टी की लगभग छह दशकों (60 साल) के लंबे इंतजार के बाद प्रत्यक्ष भागीदारी हुई है। तमिलनाडु में लंबे समय तक राज करने वाले द्रविड़ दलों (द्रमुक और अन्नाद्रमुक) का यह इतिहास रहा है कि वे चुनाव तो गठबंधन में लड़ते थे, लेकिन सहयोगियों को सरकार में शामिल नहीं करते थे। राज्य में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री एम. भक्तवत्सलम थे, जिन्होंने 1963 से 1967 तक शासन किया था, जिसके बाद 1967 में द्रमुक संस्थापक सी.एन. अन्नादुरई ने पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनाई थी।
बहुमत के जादुई आंकड़े और समर्थन के बदले मिली हिस्सेदारी
मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके हालिया विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई थी। ऐसे में तमिलनाडु विधानसभा में 5 विधायकों वाली कांग्रेस का समर्थन सरकार चलाने के लिए बेहद जरूरी और अहम बन गया था। कांग्रेस ने सबसे पहले टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने का एलान किया था और इसी के साथ द्रमुक (DMK) से अपना करीब दो दशक पुराना गठबंधन भी तोड़ लिया था। इसी राजनैतिक समर्थन के बदले मुख्यमंत्री विजय ने अपने 11 दिन पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए दो कांग्रेस विधायकों और अन्य सहयोगियों समेत कुल 23 नए मंत्रियों को अपनी सरकार में शामिल किया है।

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