भोपाल: मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और आसमान से बरसती आग ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव इलाके एक बार फिर पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म दर्ज किए गए हैं, जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि अभी भीषण गर्मी के दिन यानी 'नौतपा' शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन पूरा प्रदेश किसी भट्ठी की तरह तप रहा है। तेज धूप और उमस के कारण राजधानी भोपाल के अस्पतालों में उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 5 जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट, 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में 46 डिग्री के पार जाएगा पारा

मौसम विभाग ने राज्य के जिन 5 जिलों में तीव्र लू चलने की चेतावनी दी है, उनमें निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना शामिल हैं। इन इलाकों में आने वाले दिनों में तापमान 46 डिग्री या उससे भी ऊपर जा सकता है। वहीं, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर सहित 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित 20 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है, जहां दिन के समय चलने वाले लू के तेज थपेड़े लोगों की परेशानी को और ज्यादा बढ़ाएंगे। आंकड़े बताते हैं कि खजुराहो और नौगांव पिछले एक हफ्ते से लगातार तप रहे हैं, जहां न्यूनतम तापमान भी 25 से 27 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे रातों में भी राहत नहीं मिल रही है।

25 मई से शुरू होगा 'नौतपा', अगले 10 दिन बेहद भारी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है, जो 2 जून तक चलेगा। नौतपा शुरू होने से पहले ही प्रदेश का जो हाल है, उसे देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले 10 दिन लोगों के लिए बहुत भारी पड़ने वाले हैं। वर्तमान में 44 डिग्री के तापमान में भी लोगों को 46 डिग्री जैसी झुलसा देने वाली गर्मी का अहसास हो रहा है। 25 मई के बाद जैसे ही नौतपा शुरू होगा, राज्य में सूरज के तेवर और तीखे हो जाएंगे, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी होगी और हीट वेव (लू) का प्रकोप अपने चरम पर पहुंच जाएगा।

दोपहर में बाहर निकलने से बचें, बरतें विशेष सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को खास तौर पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप का असर सबसे ज्यादा खतरनाक रहता है, इसलिए इस दौरान बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। सुबह 10 बजे से पहले ही तापमान 38 डिग्री को पार कर रहा है, जिससे बीमारियां बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों ने हिदायत दी है कि अगर बच्चों में चिड़चिड़ापन हो, वे खाना न खाएं या उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हो, तो इसे आम धूप का असर समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।