ईरानी ऑयल टैंकर की बीच समुद्र जांच, हेलीकॉप्टर से घेराबंदी
वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक और नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक बड़ी और आक्रामक सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरानी ध्वज (झंडे) वाले एक कमर्शियल तेल टैंकर की घेराबंदी की और उस पर चढ़कर बेहद सघन तलाशी ली। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकेबंदी का खुलेआम उल्लंघन करते हुए एक ईरानी बंदरगाह की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा था। इस हाई-प्रोफाइल सैन्य ऑपरेशन की आधिकारिक जानकारी देते हुए अमेरिकी सेना ने बताया कि मरीन एक्सपीडेशनरी यूनिट के जांबाज कमांडो ने 'सेलेशियल सी' (M/T Celestial Sea) नाम के इस विशालकाय तेल टैंकर को बीच समुद्र में ही रोक लिया।
हेलीकॉप्टर से उतरे मरीन कमांडो, खंगाला जहाज का कोना-कोना
तकरीबन 120 मीटर लंबे इस भारी-भरकम वाणिज्यिक जहाज को रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना ने आधुनिक युद्धक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया। हेलीकॉप्टर की मदद से अमेरिकी मरीन कमांडो तेजी से जहाज की छत पर उतरे और पूरे टैंकर को अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने जहाज के कोने-कोने की बारीकी से जांच की। हालांकि, विस्तृत तलाशी अभियान पूरा होने और कोई संदिग्ध वस्तु न मिलने के बाद अमेरिकी सेना ने जहाज को तो छोड़ दिया, लेकिन उसके चालक दल (क्रू) को तुरंत अपना समुद्री रास्ता बदलने और वापस लौटने का सख्त अल्टीमेटम जारी कर दिया।
91 जहाजों का बदला रास्ता, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी प्रशासन का साफ कहना है कि वह वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद संवेदनशील 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (स्ट्रैट) और ओमान की खाड़ी में ईरान से जुड़े हर संदिग्ध जहाज पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रहा है। सेंट्रल कमांड के आंकड़ों के अनुसार, इस समुद्री नाकेबंदी के नियमों का पालन कराने के लिए अब तक 91 कमर्शियल जहाजों का रास्ता जबरन बदला जा चुका है। अमेरिकी नौसेना की यह बड़ी कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने खाड़ी देशों (गल्फ अलाइज) के विशेष अनुरोध के बाद ईरान पर होने वाले एक बहुत बड़े सैन्य हमले की योजना को फिलहाल दो-तीन दिनों के लिए टाल दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ईरान के साथ बातचीत अंतिम दौर में है, या तो दोनों देशों के बीच कोई ठोस समझौता होगा या फिर अमेरिका, ईरान पर पहले से भी कहीं ज्यादा घातक और बड़ा हमला करेगा।
ईरान का मल्टी-लेयर क्लियरेंस सिस्टम और दुनिया पर आर्थिक खतरा
दूसरी तरफ, अमेरिकी दबाव के आगे ईरान भी घुटने टेकने को बिल्कुल तैयार नहीं है। तेहरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण और मजबूत करने के लिए वहां से गुजरने वाले विदेशी जहाजों के लिए एक नया 'मल्टी-लेयर क्लियरेंस सिस्टम' लागू कर दिया है, जिसके तहत जहाजों को विशेष अनुमति लेनी होगी और भारी फीस चुकानी होगी। हालांकि, अमेरिका ने दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों को सख्त हिदायत दी है कि वे ईरान के इस अवैध नियंत्रण को कतई स्वीकार न करें। ज्ञात हो कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन है, जहां से वैश्विक बाजार का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस गुजरता है। इस ताजा सैन्य टकराव के कारण फारस की खाड़ी में करीब 90 देशों के 1500 से अधिक मालवाहक जहाज बीच समुद्र में फंसे हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों पर भारी दबाव बढ़ गया है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है।

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