रायपुर। छत्तीसगढ़ में ईंधन की बढ़ती मांग के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) की निरंतर व सुचारु आपूर्ति का पुख्ता भरोसा दिया है। तेल कंपनियों ने यह भी साफ कर दिया है कि थोक (बल्क) उपभोक्ताओं को सीधे पेट्रोल पंपों से ईंधन लेने की इजाजत नहीं है। ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन सीधे संबंधित तेल कंपनियों से ही खरीदना होगा।

पेट्रोल-डीजल की बिक्री में भारी उछाल, मांग पूरी करने में सक्षम हैं कंपनियां

इंडियनऑयल (रायपुर मंडल कार्यालय) के रिटेल बिक्री प्रमुख नितिन चव्हाण द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, पूरा तेल उद्योग अपने टर्मिनल, डिपो, बॉटलिंग प्लांट और पेट्रोल पंपों के जरिए राज्य में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय है। प्रदेश के सभी रिटेल आउटलेट्स पर बिना किसी पाबंदी के तय मानकों के तहत बिक्री जारी है।

आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में ऑटोमोटिव ईंधनों की मांग में जबरदस्त तेजी आई है:

  • पिछले वर्ष की तुलना में पेट्रोल की बिक्री में करीब 4 प्रतिशत और डीजल की बिक्री में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • यदि पिछले महीने से तुलना करें, तो पेट्रोल की मांग में 22 प्रतिशत और डीजल की मांग में 17 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया है। ये आंकड़े प्रमाणित करते हैं कि राज्य की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए तेल कंपनियां पूरी तरह सक्षम हैं।

प्राथमिकता पर रसोई गैस: बैकलॉग घटकर हुआ आधा

घरेलू उपभोक्ताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। कंपनियों के बेहतर तालमेल का ही नतीजा है कि गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग के लिए जो बैकलॉग पहले 6 दिनों का था, वह अब घटकर मात्र 3.5 दिन रह गया है। इससे आम जनता को समय पर रसोई गैस मिल रही है और उनकी दैनिक जरूरतें प्रभावित नहीं हो रही हैं।

सुरक्षित है भंडार, अफवाहों से बचने और पैनिक बाइंग न करने की अपील

तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त और सुरक्षित स्टॉक मौजूद है, जिसकी लगातार रीफिलिंग की जा रही है। वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद राज्य की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है।

प्रशासन और तेल कंपनियों ने संयुक्त रूप से प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। जरूरत के मुताबिक ही सामान्य खरीदारी करें और घबराहट में आकर अनावश्यक स्टॉक न जमा करें। ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल तेल कंपनियों के आधिकारिक बयानों पर ही विश्वास करें।