रेलवे पुल नंबर-1 के पास बदहाल सड़क बनी मुसीबत, गड्ढे में धंसा डम्पर
जबलपुर। संस्कारधानी के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार रेलवे पुल नंबर 1 से कांचघर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों पूरी तरह बदहाल और जानलेवा साबित हो रहा है। सड़क की इस बर्बादी की मुख्य वजह 'अमृत-2' परियोजना के तहत पाइपलाइन डालने के काम में बरती गई घोर लापरवाही है। निर्माण एजेंसी द्वारा पाइपलाइन बिछाने के बाद खोदे गए गड्ढों की ठीक से फिलिंग (समतलीकरण) नहीं की गई, जिसके कारण यहाँ लगातार वाहनों के जमीन में समाने का सिलसिला चल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि बीमा अस्पताल के पास सड़क अचानक धंस गई, जिसमें एक तेज रफ्तार डंपर का पहिया बुरी तरह फंस गया। इस घटना के बाद से मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मिट्टी डालकर छोड़ दी अधूरी सड़क, बाल-बाल बची चालक की जान
क्षेत्रीय नागरिकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि ठेकेदार ने पाइपलाइन दबाने के बाद केवल औपचारिकता निभाते हुए गड्ढों पर ढीली मिट्टी डाल दी थी, जिसे रोलर चलाकर मजबूत नहीं किया गया था। रात के वक्त जब कंक्रीट और मलबे से लदा एक भारी डंपर इस संवेदनशील हिस्से से गुजरा, तो सड़क भारी वजन को सहन नहीं कर सकी और अचानक नीचे धंस गई। गनीमत यह रही कि डंपर को पलटता देख चालक ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते केबिन से कूदकर अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस घटना के बाद आधी रात को ही मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई।
छोटे वाहनों के लिए पाबंदी, डंपरों के लिए खुली छूट
स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों का आरोप है कि जब पूरी सड़क को खोदकर रख दिया गया है और पाइपलाइन का काम अभी भी प्रगति पर है, तो इस मार्ग पर भारी कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया? प्रशासन ने आम जनता और राहगीरों की सुरक्षा के नाम पर जगह-जगह बेरिकेड्स लगा दिए हैं, जिससे रास्ता इतना संकरा हो गया है कि दुपहिया और छोटे वाहनों का निकलना भी दूभर है। इसके विपरीत, जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे से रात भर ओवरलोड डंपर बेखौफ होकर गुजर रहे हैं।
जिम्मेदार विभाग पर उठे सवाल, बड़े हादसे का अंदेशा
कांचघर क्षेत्र के निवासियों ने निर्माण एजेंसी और नगर निगम के संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल दागे हैं। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता की जान को जोखिम में डाला जा रहा है और काम खत्म होने के बाद सड़क को दोबारा चलने लायक नहीं बनाया जा रहा है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और जिम्मेदार विभाग ने समय रहते सुध नहीं ली और सड़क की मरम्मत मजबूती से नहीं कराई, तो आने वाले दिनों में यहाँ कोई बड़ी जनहानि या जानलेवा दुर्घटना घटित हो सकती है।

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