मोदी-शाह की मौजूदगी में बिहार कैबिनेट विस्तार, गांधी मैदान रचेगा इतिहास
पटना: बिहार के सियासी गलियारों में एक नई हलचल तेज हो गई है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के ठीक 22 दिन बाद, आगामी 7 मई को पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान एक अभूतपूर्व राजनीतिक समारोह का गवाह बनेगा। इस दिन भव्य स्तर पर मंत्रिमंडल विस्तार का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाजपा और जदयू गठबंधन के नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस कार्यक्रम को न केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया, बल्कि एनडीए के 'शक्ति प्रदर्शन' के रूप में भी देखा जा रहा है।
वीवीआईपी का जमावड़ा और भव्य तैयारियां
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, इस समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए देश के शीर्ष नेता पटना पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री इस आयोजन में शिरकत करेंगे। गांधी मैदान में वीवीआईपी की इतनी बड़ी मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के चक्रव्यूह तैयार किए जा रहे हैं और प्रशासनिक स्तर पर युद्धस्तर पर तैयारियां जारी हैं।
गांधी मैदान के इतिहास में पहली बार 'सिर्फ मंत्रियों' का शपथ ग्रहण
यह आयोजन एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बनाने जा रहा है। आमतौर पर गांधी मैदान जैसे विशाल स्थल का उपयोग मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए किया जाता रहा है। नीतीश कुमार ने भी 2025 की जीत के बाद यहीं शपथ ली थी। लेकिन, यह संभवतः पहला मौका होगा जब मुख्यमंत्री पद की शपथ के बिना, केवल मंत्रियों के सामूहिक शपथ ग्रहण के लिए इतने बड़े पैमाने पर गांधी मैदान को चुना गया है। यह रणनीति साफ दर्शाती है कि एनडीए इस विस्तार के जरिए राज्य में एक बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है।
नए चेहरों और जातीय समीकरण पर जोर
मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार 'बदलाव' की स्पष्ट झलक देखने को मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जदयू दोनों ही दलों के मंत्रियों की संख्या समान रहने की संभावना है। इसमें पुराने अनुभवी चेहरों के साथ-साथ कई नए और युवा चेहरों को जगह दी जा सकती है। पार्टी नेतृत्व का मुख्य फोकस जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर है, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का मजबूती से सामना किया जा सके। चर्चा यह भी है कि पूर्व में मंत्री रह चुके कुछ कद्दावर नेताओं के विभागों में फेरबदल किया जा सकता है।
चुनावी जीत के बाद बढ़ा उत्साह
बिहार में यह विस्तार पिछले कुछ समय से लंबित था, जिसका मुख्य कारण पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव थे। अब तीन राज्यों में एनडीए की शानदार जीत के बाद गठबंधन के कार्यकर्ताओं और नेताओं में जबरदस्त उत्साह है। इसी ऊर्जा को भुनाने के लिए शपथ ग्रहण समारोह को इतना भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 7 मई का यह कार्यक्रम बिहार की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड, आर. माधवन और आलिया भट्ट समेत कई सितारों ने रखी अपनी बात
ICC का बड़ा ऐलान, अगले साल इस मैदान पर खेला जाएगा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
भारत ने श्रीलंका को नहीं दिया कोई मौका, यूथ टेस्ट सीरीज 211 रन की जीत के साथ समाप्त
NSA कार्रवाई पर ओवैसी ने सरकार को घेरा, कहा- क्या विरोध करना अब अपराध है?
सरकार का बड़ा दावा, CJP आंदोलन पर 24 घंटे में चार बार बातचीत की पेशकश
पेपर लीक मामले में कांग्रेस आक्रामक, मोदी सरकार पर जवाबदेही से भागने का आरोप
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर अमित शाह का समर्थन, आंदोलन को लेकर विपक्ष को दी नसीहत
पहले टी20 से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर का बड़ा मंत्र, खिलाड़ियों से कहा- बेखौफ खेलो
भारत से मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे ने बदली टीम, आखिरी वक्त पर लिया बड़ा फैसला