आमिर एनकाउंटर केस में नया मोड़, परिवार ने पुलिस पर जताई शंका
अंबेडकरनगर: जिले के अकबरपुर में घटित रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी आमिर को एनकाउंटर में ढेर कर मामले को सुलझाने का दावा तो कर दिया है, लेकिन मृतका के पति की असहमति और कई अनसुलझे सवालों ने इस कार्रवाई पर संदेह की स्थिति पैदा कर दी है। सऊदी अरब में कार्यरत नियाज अहमद ने पुलिस की इस पूरी थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और अपने आने तक पत्नी के शव को सुपुर्द न करने की बात कही है।
पुलिस की कार्रवाई पर पति ने उठाए गंभीर सवाल
सऊदी अरब के यांबू शहर से अपनी व्यथा सुनाते हुए नियाज अहमद ने बताया कि घटना से महज कुछ घंटों पहले उनकी अपनी पत्नी और चारों बच्चों से लंबी बात हुई थी और पूरा परिवार बेहद खुश नजर आ रहा था। नियाज का मानना है कि केवल तीन महीने पुराने एक मामूली विवाद के चलते कोई व्यक्ति इतनी बड़ी और जघन्य वारदात को अंजाम नहीं दे सकता है। उनका सबसे बड़ा आरोप पुलिस के उस शुरुआती बयान पर है जिसमें बिना किसी पुख्ता सबूत के उनकी पत्नी गासिया को ही अपने बच्चों का कातिल करार दे दिया गया था और अब एनकाउंटर के बाद पुलिस जो कहानी सुना रही है, वह उनके गले नहीं उतर रही है।
मुठभेड़ की कहानी और पुलिस का अपना तर्क
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के अनुसार जांच के दौरान नाजिया और सोनू नामक व्यक्तियों के बयानों के आधार पर आमिर का नाम सामने आया था जो कथित तौर पर गांजे के नशे में मृतका के घर निकाह का प्रस्ताव लेकर पहुंचा था। पुलिस का दावा है कि जब सोमवार सुबह घेराबंदी की गई तो आमिर ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने गासिया की हत्या करने के बाद उसके शव को ठिकाने लगाया और फिर मासूम बच्चों को मौत के घाट उतार दिया, हालांकि नियाज इन सभी कड़ियों को काल्पनिक बता रहे हैं।
जांच के घेरे में कई रहस्यमयी और अनसुलझे बिंदु
इस पूरे हत्याकांड के बाद कई ऐसे पहलू हैं जिनका जवाब मिलना अभी बाकी है और जो पुलिसिया दावों पर सवालिया निशान खड़े करते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर आमिर और गासिया के बीच विवाद था तो उसने आधी रात को दरवाजा क्यों खोला और आरोपी ने बच्चों के शवों को वहीं छोड़कर सिर्फ महिला के शव को ही नाले में क्यों फेंका। इसके अलावा यह भी संदेह पैदा होता है कि इतना बड़ा अपराध करने के बाद भी आरोपी बारह घंटे तक शहर में ही क्यों घूमता रहा। इन तमाम बिंदुओं और परिवार की आशंकाओं ने इस एनकाउंटर को चर्चा और विवादों के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है।

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