भोपाल के जेके हॉस्पिटल में दर्दनाक हादसा, निर्माणाधीन लिफ्ट शॉफ्ट बना मौत का कारण
भोपाल: राजधानी के कोलार इलाके में स्थित जेके हॉस्पिटल से लापरवाही और हादसे की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। अस्पताल परिसर में इलाज के लिए भर्ती एक बुजुर्ग मरीज की निर्माणाधीन लिफ्ट के गहरे गड्ढे (शॉफ्ट) में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्य के दौरान बरती जा रही असावधानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्पाइन का इलाज कराने आए मरीज के साथ अनहोनी
हादसे का शिकार हुए मृतक की पहचान नामदेव रामजी के रूप में हुई है, जो अपनी रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) से संबंधित समस्या का उपचार कराने के लिए जेके हॉस्पिटल में भर्ती थे। शनिवार की शाम जब वे अस्पताल के भीतर टहल रहे थे, तभी करीब 4 बजे के आसपास वे उस क्षेत्र में पहुंच गए जहां लिफ्ट का निर्माण कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण वे अनजाने में सीधे लिफ्ट शॉफ्ट में जा गिरे।
अस्पताल की लापरवाही से सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना अस्पताल प्रशासन की एक बड़ी चूक मानी जा रही है, क्योंकि निर्माणाधीन और खतरनाक हिस्सों को आमतौर पर पूरी तरह कवर या प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। स्पाइन की बीमारी से जूझ रहा मरीज, जिसे विशेष देखभाल की जरूरत थी, वह निर्माणाधीन लिफ्ट के खुले गड्ढे तक कैसे पहुंच गया, यह जांच का विषय है। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मरीज को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
परिजनों में आक्रोश और कानूनी कार्रवाई की सुगबुगाहट
मरीज की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस को मामले की जानकारी दे दी गई है और अब इस बिंदु पर जांच की जा रही है कि निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए थे। भोपाल के चिकित्सा जगत में इस दुखद हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छिड़ गई है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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