दुर्गम रास्तों से मुक्ति, पहाड़ काटकर बनाई गई सड़क बनी वरदान
कबीरधाम। जिला मुख्यालय से दूर वनांचल की पहाड़ियों में बसे सेजाडीह गांव के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना एक वरदान साबित हुई है। जो गांव कभी दुर्गम रास्तों के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ था, वहां अब पक्की सड़क पहुंचने से ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह बदल गया है।
पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.10 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण 1.56 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इंजीनियरिंग की चुनौती को स्वीकार करते हुए विभाग ने विशाल पहाड़ों को काटकर यह रास्ता तैयार किया है।
अब गांव में ही सजता है बाजार:
इस सड़क का सबसे बड़ा सामाजिक बदलाव यह है कि अब सेजाडीह में ही हर मंगलवार को साप्ताहिक बाजार लगने लगा है। अब विशेष पिछड़ी जनजाति 'बैगा' परिवारों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए मीलों दूर भटकना नहीं पड़ता।

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