12 से 17 अप्रैल तक चलेगी उज्जैन की ऐतिहासिक पंचकोशी यात्रा
उज्जैन|मध्य प्रदेश के उज्जैन में 118 किलोमीटर लंबी पंचकोशी यात्रा में भीषण गर्मी के बावजूद आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. प्रदेश भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु सिर पर गठरी और आवश्यक सामान लेकर पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं. यह यात्रा 12 अप्रैल से शुरू होकर 17 अप्रैल 2026 तक चलेगी|
क्या है पंचकोशी यात्रा का मार्ग?
- यात्रा की शुरुआत पटनी बाजार स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर से होती है.
- श्रद्धालु यहां भगवान को नारियल अर्पित कर “बल” लेते हैं और भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते हैं.
- परंपरा अनुसार श्रद्धालु पांच प्रमुख पड़ाव, श्री पिंगलेश्वर मंदिर, कायावरोहणेश्वर मंदिर, बिल्केश्वर मंदिर, दूधरेश्वर मंदिर और उंडासा पर दर्शन कर यात्रा पूर्ण करते हैं.
कितने दिनों तक चलेगी यात्रा?
- भीषण गर्मी के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है.
- पांच दिन तक चलने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु सूखा राशन और कपड़ों की गठरी लेकर तय पड़ावों पर विश्राम करते हुए आगे बढ़ते हैं.
- अंतिम दिन शिप्रा नदी में स्नान कर यात्रा का समापन किया जाता है.
- यात्रा मार्ग पर शहरवासियों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा जगह-जगह पंडाल लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, छाछ, चाय, दूध, मिठाई और दवाइयों की निशुल्क व्यवस्था की गई है.
- कई स्थानों पर सड़कों पर पानी का छिड़काव कर गर्मी से राहत देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.
सुरक्षा के विशेष इंतजाम
- जिला प्रशासन ने इस बार यात्रा को लेकर विशेष तैयारियां की हैं. सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं.
- श्रद्धालुओं की संख्या का आकलन करने के लिए हेड काउंटिंग कैमरे लगाए गए हैं.
- ऑटोमैटिक मैसेजिंग सिस्टम के माध्यम से सभी पड़ावों पर समन्वय बनाया जा रहा है.
- इसे आगामी सिंहस्थ की तैयारियों के रूप में भी देखा जा रहा है.

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