महाराजा छत्रसाल शौर्य पीठ पर गूंजा बुंदेलखंड केसरी का शौर्य
महाराजा छत्रसाल शौर्य पीठ पर गूंजा बुंदेलखंड केसरी का शौर्य
प्रतिमा स्थापना दिवस पर हुआ कार्यक्रम, कवियों ने किया काव्य पाठ
छतरपुर। छतरपुर जिले की नौगांव जनपद अंतर्गत आने वाले पर्यटक ग्राम मऊसहानियां स्थित छत्रसाल शौर्य पीठ पर शनिवार को बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल की 52 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का 9वां स्थापना दिवस समारोह गरिमामय ढंग से मनाया गया। महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में शौर्य गाथाओं और काव्य पाठ के जरिए महाराजा के बलिदान और पराक्रम को याद किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि छतरपुर विधायक ललिता यादव एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह की अध्यक्षता पूर्व मंत्री मानवेंद्र सिंह (भंवर राजा) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया, देवेंद्र अग्रवाल, सुशील असाटी, संस्थान के संरक्षक गोविंद सिंह बुंदेला, राजेन्द्र यादव मोनू एवं मऊसहानियां सरपंच कुमारी साक्षी सोनी उपस्थित रहीं। वक्ताओं ने महाराजा छत्रसाल के जीवन संघर्ष और उनके अदम्य साहस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी शौर्य गाथाएं आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन ने समां बांध दिया। प्रसिद्ध कवि सुरेंद्र शर्मा सुमन, तेजपाल सिंह सेंगर राठ, जितेंद्र यादव जीत, अजय मोहन तिवारी, नीरेंद्र सिंह परमार, प्रेमनारायण बबलू नौगांव और भारतेंदु पटैरिया ने अपनी रचनाओं के माध्यम से बुंदेलखंड की माटी और महाराजा के गौरवशाली इतिहास का बखान किया। आयोजन में महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान के अध्यक्ष भरत पाठक, पूर्व अध्यक्ष भगवत अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष राकेश शुक्ला, धीरेंद्र शिवहरे, सुशील वैद्य, वंदना बुंदेला, अनिल अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक आशीष ताम्रकार, कमलेश अहिरवार, पुष्पेंद्र खरे और दृगेंद्र देव सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक मौजूद रहे, जिन्होंने बुंदेलखंडी संस्कृति और शौर्य के इस अनूठे संगम का आनंद लिया।

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