मनरेगा और वीबी-जी रामजी में रिश्तेदारों की फर्में नहीं बनेंगी वेंडर
लखनऊ|उत्तर प्रदेश सरकार ने मनरेगा और विकसित भारत-रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के तहत वेंडर पंजीकरण के नियमों में बदलाव किया है। अब इन योजनाओं में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवार की फर्मों को वेंडर के रूप में पंजीकरण नहीं मिलेगा। ग्राम्य विकास विभाग ने इसके लिए नई गाइडलाइन जारी की है।डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिए हैं कि मैटेरियल, ईंधन, स्टेशनरी और अन्य सेवाओं की आपूर्ति में पारदर्शिता रखी जाए। किसी भी तरह की अनियमितता या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने वीबी- जीरामजी के कार्यों और उनमें उपयोग होने वाली सामग्री की आपूर्ति से संबंधित दिशा-निर्देशों पर पूरी तरह से अमल न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।इस संबंध में जिलाधिकारियों (डीएम) और जिला कार्यक्रम समन्वयकों को पहले से पंजीकृत फर्मों की दोबारा जांच करने को कहा गया है। नई गाइडलाइन के अनुसार ब्लॉक प्रमुख, बीडीओ, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और अन्य संबंधित कर्मचारियों के परिवार की फर्मों पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

बेटे की हैवानियत—पिता को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का तीखा बयान—Lenskart विवाद पर बोले, “लाहौर में कंपनी खोल लो”
आपत्तिजनक आचरण पर कड़ा रुख, जवाब नहीं तो सीधी कार्रवाई
Amit Shah का हमला—‘बंगाल में खाता भी नहीं खोल पाएगी कांग्रेस’, Rahul Gandhi पर साधा निशाना
बिलासपुर से दिल्ली का सफर होगा आसान: 3 मई से शुरू हो रही है सीधी हवाई सेवा
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर, ईरानी सेना की जहाजों पर फायरिंग
Mallikarjun Kharge के बयान पर बवाल, BJP प्रतिनिधिमंडल ने EC से की मुलाकात
क्या आपका पीरियड फ्लो कम हो गया है? तनाव और डाइट हो सकते हैं जिम्मेदार