महाकाल मंदिर गर्भगृह प्रवेश मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मंगलवार को सुनवाई
उज्जैन। महाकाल मंदिर गर्भगृह प्रवेश का मामला सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) पहुंचा, उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश जिसमें जिला कलेक्टर को गर्भगृह प्रवेश हेतु अनुमति के लिए बाध्य माना था, जिस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है. अधिवक्ता चर्चित शास्त्री द्वारा बताया गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को बाबा महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश हेतु समान व्यवस्था करने के लिए याचिका लगाई गई है. इस याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका
अधिवक्ता चर्चित शास्त्री ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा व्यक्तिगत आहत बताकर व जिला कलेक्टर द्वारा मंदिर व्यवस्था तय करना बताकर याचिका निरस्त की गई थी, जिसको सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है. अधिवक्ता चर्चित शास्त्री ने बताया कि देश के विभिन्न मंदिरों में सभी व्यक्तियों को गर्भगृह में प्रवेश कर अपने आराध्य भगवान शिव को जल अर्पित करने की प्रथा युगों-युगों से चली आ रही है।
आमजन के साथ हो रहा भेदभाव
महाकाल मंदिर प्रशासन द्वारा व्यक्ति विशेषों को गर्भगृह में प्रवेश कराया जा रहा है, आमजन के साथ मंदिर प्रशासन लगातार भेदभाव कर रहा है. उक्त याचिका जनता के हितों की रक्षा हेतु लगाई गई है, जिस पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस जॉय माल्या बागची की डबल बेंच में सुनवाई होगी।

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