सजा मिलने के 24 घंटे बाद कैदी ने की आत्महत्या


जेल प्रशासन ने किया छत से कूदने का दावा, मामले की जांच जारी

छतरपुर। जिला जेल में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब उम्रकैद की सजा मिलने के 24 घंटे बाद 22 वर्षीय कैदी ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक को महज एक दिन पहले ही अदालत ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी। जेल प्रशासन का दावा है कि मृतक ने जेल की छत से कूदकर आत्महत्या की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम उर्दमऊ निवासी शंकर प्रजापति उम्र 22 वर्ष पिछले तीन वर्षों से विचाराधीन बंदी के रूप में जिला जेल में बंद था। बुधवार को जिला न्यायालय ने उसे 376 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई थी। सजा के अगले ही दिन गुरुवार को शंकर ने जेल की बैरक नंबर 4 के पास स्थित छत से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में शंकर प्रजापति पर गाँव की ही एक 12 वर्षीय नाबालिग को भगा ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। पुलिस ने तब शंकर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लड़की के पिता की शिकायत पर दोनों युवकों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए थे। जहाँ शंकर को सजा मिल चुकी थी, वहीं दूसरे आरोपी राहुल यादव को भी इसी दिसंबर माह में जेल भेजा गया है।


प्रशासनिक और मजिस्ट्रियल जांच शुरू


कैदी की आत्महत्या की खबर मिलते ही अपर कलेक्टर मिलिंद नागदेवे जिला जेल पहुँचे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जेल प्रशासन और पुलिस विभाग अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा में चूक कहाँ हुई और कैदी छत तक पहुँचने में कैसे सफल रहा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस खौफनाक कदम के पीछे असली वजह सिर्फ सजा का तनाव था या कोई अन्य कारण।

न्यूज़ सोर्स : Jail